नगर निगम ने हाउस टैक्स वसूली में बनाया रिकार्ड, टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड

-म्युनिसिपल कमिश्नर की सख्ताई का असर, सितंबर में रिकॉर्डतोड़ 39.77 करोड़ की गई वसूली

गाजियाबाद। नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली का पिछले साल का रिकार्ड तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। जिसके तहत पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष सितंबर माह में रिकॉर्डतोड़ 39.77 करोड़ रुपए की हाउस टैक्स वसूली की गई। यहां बताना उचित होगा कि नगर निगम 30 सितम्बर तक मौजूदा वित्तीय वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने पर 20 फीसदी की छूट दी दी गई। टैक्स वसूली को लेकर म्युनिसिपल कमिश्नर विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में निगम अधिकारियों ने बड़ा अभियान चलाया। जिसका नतीजा यह रहा कि रिकॉर्डतोड़ वसूली हुई। वहीं म्युनिसिपल कमिश्नर ने टारगेट दिया हुआ है। इस आंकड़े को पार करने का टार्गेट हासिल करने के लिए नगर निगम द्वारा पूरा जोर लगाया गया। जिसके तहत सुविधा सैंटर की टाइमिंग को बढ़ाने के साथ-साथ अवकाश के दिनों में भी कैंप लगाकर ऑफिस खुले रखने का फैसला किया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि नगर निगम द्वारा 30 सितम्बर तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 39.77 करोड़ की वसूली की गई है। जो पिछले साल सितंबर माह के सापेक्ष इस बार 61 प्रतिशत अधिक हाउस टैक्स वसूली की गई।

म्युनिसिपल कमिश्नर के नेतृत्व में अब हाउस टैक्स की वसूली में बढ़ोतरी हो रही हैं। सितंबर माह में 20 प्रतिशत की हाउस टैक्स का बकाया जमा करने पर छूट भी दी गई। बावजूद इसके सितंबर-2022 में संपत्ति कर की वसूली लगभग 24.59 करोड़ हुई थी। लेकिन इस बार सितंबर में संपत्ति कर वसूली 39.77 करोड़ की हुई हैं। जो कि पिछले वर्ष सितंबर माह के सापेक्ष 15.18 करोड़ रुपए अधिक की वसूली हुई है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा एवं जोनल प्रभारी को इसके लिए प्रोत्साहित भी किया। दरअसल, नगर निगम द्वारा अपै्रल-2022 से 30 सितंबर-2022 तक लगभग 98 करोड़ रुपए की हाउस टैक्स की वसूली की गई। इसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष में एक अपै्रल से 30 सितंबर-2023 तक करीब 124 करोड़ रुपए की हाउस टैक्स की वसूली की गई है। यह पिछले साल के सापेक्ष 26 प्रतिशत अधिक संपत्ति कर की वसूली की गई।

निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि महापौर सुनीता दयाल एवं म्युनिसिपल कमिश्नर विक्रमादित्य मलिक के निर्देशानुसार हाउस टैक्स के बड़े बकाएदारों से वसूली की गई। इससे वसूली में बढ़ोतरी हुई। संपत्ति कर की वसूली के साथ-साथ टैक्सदाता की संख्या बढऩे से आय बढ़ी हैं। गृह कर वसूली के लिए अभियान चलता रहेगा। गृह कर नहीं जमा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी। इसलिए लोग बेहतर होगा कि खुद गृह कर जमा करें। म्युनिसिपल कमिश्नर ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से लेकर टैक्स विभाग के राजस्व निरीक्षक, जोनल प्रभारियों को अधिक से अधिक हाउस टैक्स की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अपर नगर आयुक्त अरूण यादव को निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में भवनों पर टैक्स नहीं लगा है। उन भवनों पर शीघ्र टैक्स लगाकर वसूली करने की कार्रवाई कराए। वहीं, म्युनिसिपल कमिश्नर ने जोनल प्रभारियों को भी बड़े बकाएदारों से अधिक से अधिक वसूली करने के निर्देश दिए।

जोनवार गृहकर की धनराशि
नगर निगम द्वारा सितंबर माह में वसुंधरा जोन क्षेत्र से लगभग 12 करोड़ रुपए की हाउस टैक्स वसूली की गई। वहीं, मोहननगर जोन से करीब 6 करोड़ रुपए, कविनगर जोन से करीब 9 करोड़ रुपए और सिटी जोन क्षेत्र से 8 करोड़ और विजयनगर जोन क्षेत्र से 2 करोड़ रुपए की हाउस टैक्स की वसूली की गई। सबसे अधिक वसूली वसुंधरा जोन से की गई है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने टैक्स विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर निगम की आय बढऩे से शहर में विकास कार्य बेहतर तरीके से अधिक कराए जा सकेंगे। इसलिए हाउस टैक्स की शत-प्रतिशत वसूली करने की कार्रवाई करें। बड़े बकाएदारों टैक्स वसूली के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें।