बढ़ती ठंड में राहत: गाजियाबाद नगर निगम ने निराश्रितों के लिए रैन बसेरों में लगाए गैस हिटर

-शहर में ठंड बढऩे पर नगर निगम अलर्ट मोड में, निराश्रितों के लिए नई पहल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लगातार बढ़ती सर्दी और शीत लहर के मद्देनजर नगर निगम ने निराश्रितों के लिए विशेष पहल करते हुए स्थाई और अस्थाई रैन बसेरों में गैस हिटर लगवाए हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर यह कार्य पूरी तत्परता के साथ किया गया है ताकि ठंड से बचाव के लिए आश्रितों को पर्याप्त गर्मी और सुरक्षा प्रदान की जा सके। शीत लहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नगर निगम ने सभी रैन बसेरों को अलर्ट मोड में रखा है और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। नगर निगम के सभी आश्रय स्थलों में पहले से ही इलेक्ट्रिक हीटर की व्यवस्था की जा चुकी थी। इसके अलावा नगर आयुक्त के निर्देशानुसार अब सभी स्थलों में एलपीजी गैस से संचालित गैस हिटर भी लगाए गए हैं। इन हिटरों के माध्यम से आश्रय स्थल में समान रूप से गर्मी उपलब्ध होती है और यह प्रदूषण रहित होती है।

नगर निगम द्वारा निराश्रितों के ठहरने की संख्या बढ़ाई जा रही है, बिस्तरों और तख्तों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित और गर्म वातावरण में आश्रय ले सकें। नगर निगम के नजारत प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गैस हिटर लगवाने के साथ ही सभी आश्रय स्थलों में नियमित रूप से सुविधाओं की जांच की जा रही है। प्रतिदिन जोनल प्रभारी और उनकी टीम सभी आश्रय स्थलों का निरीक्षण करती है और यह सुनिश्चित करती है कि बिस्तर, तख्त, हीटर और अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध रहें। इस पहल से नगर निगम द्वारा शहर में निराश्रितों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने का संदेश मिलता है। रैन बसेरों में गैस हिटर की स्थापना से आश्रितों को ठंड में पर्याप्त गर्मी और आराम मिलने लगा है। नागरिकों और आश्रितों ने नगर निगम की इस पहल की खुले दिल से सराहना की है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि इस कदम के माध्यम से नगर निगम का उद्देश्य केवल निराश्रितों को आश्रय देना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और गर्म वातावरण प्रदान कर ठंड से बचाना भी है।

नगर निगम ने 25 से अधिक गैस हिटर विभिन्न रैन बसेरों में लगाए हैं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि यदि ठंड और बढ़ती है तो आवश्यकतानुसार और अधिक गैस हिटर लगवाए जाएंगे। साथ ही नगर निगम की टीम सुनिश्चित कर रही है कि सभी आश्रय स्थलों में पर्याप्त बिस्तर, तख्त और अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध रहें। यह कदम नगर निगम की नागरिक कल्याण और प्रशासनिक जवाबदेही की स्पष्ट अभिव्यक्ति है। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक जोनल अधिकारी और टीम निरंतर आश्रय स्थलों में रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी समय किसी भी निराश्रित को ठंड से बचाव में कोई कमी न आए। नगर निगम का यह कदम न केवल सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि शहर में प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिक कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

नगर निगम की इस पहल से स्पष्ट हुआ कि बढ़ती ठंड और शीत लहर के समय निराश्रितों की सुरक्षा और उनकी मूलभूत जरूरतों का ख्याल रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गैस हिटर और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से नगर निगम ने ठंड से बचाव की पूरी तैयारी कर ली है और नागरिकों को एक सुरक्षित, गर्म और संरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल नगर निगम की तत्परता दिखाई बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को भी उजागर किया है।