जाम से मिलेगी राहत, गाजियाबाद में ‘रूट मार्शल’ संभालेंगे ट्रैफिक की कमान

-समन्वित कार्रवाई से बनेगी निर्बाध यातायात व्यवस्था: त्रिगुण बिसेन
-आरटीसी योजना के तहत आठ अतिव्यस्त मार्ग चिन्हित, यात्रा समय घटाने पर फोकस
-अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती, नियम तोडऩे वालों पर होगी कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं के अंतर्गत अब यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसी दिशा में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में ‘रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेक्शन (आरटीसी)’ योजना लागू की जा रही है, जिससे शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि प्रदेश स्तर पर शुरू की गई इस योजना के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश के 20 प्रमुख जनपदों का चयन किया गया है, जिनमें गाजियाबाद भी शामिल है। योजना का मुख्य उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर यातायात को सुगम बनाना, यात्रा समय कम करना और प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करना है। योजना के तहत जनपद के आठ प्रमुख और अतिव्यस्त मार्गों को चिन्हित किया गया है।

इनमें यूपी गेट से राहुल विहार एनएच-09, राहुल विहार से डासना, लाल कुआं से मेरठ रोड तिराहा, हिंडन नदी पुल से सीमापुरी बॉर्डर जीटी रोड, यूपी गेट से मोहननगर बस स्टैंड, नागद्वार से टीला मोड़ वाया भोपुरा तिराहा, रोटरी गोल चक्कर से एएलटी पुल तथा मेरठ रोड तिराहा से मनन धाम मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को दूरी के अनुपात में अत्यधिक यात्रा समय और लगातार लगने वाले जाम के कारण अतिव्यस्ततम श्रेणी में रखा गया है। डीसीपी ट्रैफिक के अनुसार इन मार्गों पर यातायात संचालन को व्यवस्थित करने के लिए आठ रूट मार्शल नियुक्त किए जाएंगे। प्रत्येक रूट मार्शल अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे। सड़क पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ-साथ जाम के कारणों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल पुलिस ही नहीं बल्कि विभिन्न विभागों के साथ भी समन्वित प्रयास किए जाएंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क सुधार, अतिक्रमण हटाने, संकेतक व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और रोड इंजीनियरिंग से जुड़े सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त चिन्हित मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि पीक आवर्स के दौरान यातायात दबाव को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर यातायात प्रबंधन से न केवल वाहन चालकों का समय बचेगा बल्कि वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि रूट मार्शल अपने निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे और यातायात व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए सुझाव संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे। इससे अल्पकालिक ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक समाधान भी विकसित किए जा सकेंगे। उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण न करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। अवैध रूप से वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा-152 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की गई है। ट्रैफिक पुलिस की इस नई पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में गाजियाबाद की प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और शहरवासियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था मिल सकेगी।