आईजीआरएस निस्तारण में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट प्रदेश में नंबर-1, सभी 25 थानों ने रचा इतिहास

-मार्च माह में प्राप्त जन शिकायतों का समय से पहले 100 प्रतिशत निस्तारण
-प्रदेश शासन के फीडबैक में 94.53′ शिकायतकर्ता संतुष्ट, संवाद व्यवस्था बनी सफलता की कुंजी
-पहली बार कमिश्नरेट के सभी थाने एक साथ अव्वल, पुलिस आयुक्त ने टीम को दी बधाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण की दिशा में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर मार्च माह में प्राप्त सभी जन शिकायतों का 100 प्रतिशत निस्तारण कर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह रही कि कमिश्नरेट के सभी 25 थानों ने सामूहिक रूप से यह उपलब्धि हासिल की, जो अब तक पहली बार संभव हो सकी है। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ ने बताया कि मार्च माह के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी शिकायतों को निर्धारित समय सीमा से पहले ही निस्तारित कर दिया गया। प्रत्येक संदर्भ पर गंभीरता से कार्य करते हुए निष्पक्ष जांच, शिकायतकर्ता से सीधा संवाद और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इसी का परिणाम रहा कि पूरे माह में कमिश्नरेट का एक भी मामला डिफाल्टर श्रेणी में दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश शासन स्तर से प्राप्त फीडबैक में भी गाजियाबाद पुलिस का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा।

कुल 548 शिकायतों पर लिए गए फीडबैक में से 518 शिकायतकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया, जो 94.53 प्रतिशत संतुष्टि दर को दर्शाता है। वहीं शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने का प्रतिशत 96.53 प्रतिशत रहा, जिससे स्पष्ट होता है कि पुलिस ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि संवाद को भी प्राथमिकता दी। फीडबैक प्रक्रिया के दौरान कई शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क कर उनकी समस्या को विस्तार से समझा और उसी आधार पर समाधान सुनिश्चित किया। इससे पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का स्तर मजबूत हुआ है। कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले नगर कोतवाली, लोनी, मसूरी, टीला मोड़, अंकुर विहार, विजयनगर, कौशांबी, नंदग्राम, खोड़ा, इंदिरापुरम, वेव सिटी, कविनगर, साहिबाबाद, क्रॉसिंग रिपब्लिक, भोजपुर, ट्रोनिका सिटी, निवाड़ी, सिहानी गेट, मधुबन बापूधाम, मुरादनगर, मोदीनगर, लिंक रोड, शालीमार गार्डन, महिला थाना और लोनी बॉर्डर सहित सभी थानों के थाना प्रभारियों ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया। प्रत्येक मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी नियुक्त किए गए और शिकायतकर्ता से नियमित संपर्क बनाए रखा गया। समयसीमा का सख्ती से पालन करते हुए शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके कारण कमिश्नरेट को प्रदेश स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़ ने इस उपलब्धि को पूरी पुलिस टीम की सामूहिक मेहनत और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और आईजीआरएस जैसी व्यवस्था पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करती है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना भी है। गाजियाबाद पुलिस आगे भी जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिकायत निस्तारण प्रणाली को और मजबूत करेगी। इस उपलब्धि से न केवल गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली को नई पहचान मिली है, बल्कि प्रदेश स्तर पर एक प्रभावी और जवाबदेह पुलिसिंग मॉडल भी स्थापित हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि योजनाबद्ध कार्यशैली, तकनीकी प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग और जनता से सतत संवाद ही इस सफलता की मुख्य आधारशिला रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस की यह उपलब्धि आमजन के विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में यह सफलता भविष्य में और बेहतर पुलिस-जन संवाद की राह खोलने वाली साबित होगी।