कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा

-मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में बैठक, प्रशिक्षण लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति पर जोर
-प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्देश: गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और अधिकतम प्लेसमेंट सुनिश्चित करें
-राजकीय विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के अंतर्गत प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा
-‘शून्य गरीबी’ योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार और सेवायोजन से जोडऩे के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा हेतु मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित उनके सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस समीक्षा बैठक में जनपद को आवंटित योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यों की प्रगति, प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा प्राप्त उपलब्धियों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा युवाओं को रोजगार से जोडऩे की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। सीडीओ ने जनपद में संचालित सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रशिक्षण लक्ष्यों को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के अवसरों से जोडऩा है।

बैठक में जीवन ज्योति समूह संस्था, जी.के.आर. इन्फ्राकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सिनर्जी टेलीमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गाजियाबाद, सॉफ्टसॉल्व चौबीसों घंटे प्राइवेट लिमिटेड, सक्सेना इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीमती शांति देवी पुंडीर शिक्षा प्रसार समिति, चौधरी पवन सिंह शिक्षा समिति तथा मेवाड़ विश्वविद्यालय जैसे प्रशिक्षण प्रदाताओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों का अधिक से अधिक नियोजन (प्लेसमेंट) सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे प्रशिक्षण के पश्चात स्वयं के पैरों पर खड़े हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा।

बैठक में राजकीय विद्यालयों में चल रहे ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों में अधिकाधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यालय स्तर पर ही बच्चों में रोजगारपरक कौशल विकसित किए जा सकें। इसके अतिरिक्त ‘शून्य गरीबी (जीरो पावर्टी)’ योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार या सेवायोजित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जिसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, जिला समन्वयक के.डी. मिश्र, एम.आई.एस. प्रबंधक अरुण कुमार पांडेय, संदीप कुमार तथा डाटा ऑपरेटर राहुल कुमार उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने अंत में कहा कि कौशल विकास मिशन जनपद गाजियाबाद के युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि सभी प्रशिक्षण प्रदाता निष्ठा और गुणवत्ता के साथ कार्य करें तो निश्चित ही गाजियाबाद जिले को कौशल विकास के क्षेत्र में एक आदर्श जनपद के रूप में स्थापित किया जा सकता है।