नगर निगम का महा अभियान: वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए शहर की सड़कों पर युद्धस्तरीय कार्रवाई

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर शहरभर में व्यापक महा अभियान
-वॉटर टैंकर, जेट्टिंग मशीन, रोड स्वीपिंग मशीन और स्प्रिंकलर सहित तकनीकी उपकरणों का प्रभावी उपयोग
-ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और पेड़-पौधों की धुलाई एवं पानी का छिड़काव, नागरिकों ने भी बढ़ाया सहयोग
-मैकेनाइज्ड और मैन्युअल दोनों टीमों की संयुक्त कार्यवाही से अभियान को मिली सफलता
-सफाई मित्रों और मालियों ने निभाई अहम भूमिका, निगम का अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रखने का निर्णय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने शहरभर में युद्धस्तरीय महा अभियान शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर यह अभियान पूरे शहर में प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य न केवल सार्वजनिक स्थलों और सड़कों की सफाई करना है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। अभियान के पहले चरण में मंगलवार को मोहन नगर जोन के साहिबाबाद रेड लाइट से डाबर चौक तक और कवि नगर जोन के मेरठ रोड से विवेकानंद नगर कट तक विशेष कार्रवाई की गई। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार की देखरेख में महाअभियान की रणनीति लागू की गई और हर मार्ग पर टीमों द्वारा धूल नियंत्रण, सफाई और पानी का छिड़काव युद्धस्तरीय ढंग से किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि महा अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और नगर निगम के सभी विभाग सक्रिय रूप से इसमें भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि गाजियाबाद के नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निगम के प्रयासों में सहयोग करें, घर और आसपास पानी का छिड़काव करें और स्वच्छता बनाए रखें।

अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया, जिन्होंने रोस्टर अनुसार पूरे शहर में विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान का निरीक्षण किया। शहर के प्रमुख मार्गों और जोनों में अभियान चलाया गया, जिसमें नगर निगम के समस्त विभागों के अधिकारी और गन टीम सहित सड़कों पर उतरकर युद्धस्तरीय कार्यवाही में जुट गए है। महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने कहा कि अभियान में विशेष रूप से वॉटर टैंकर, जेट्टिंग मशीन और स्प्रिंकलर का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पानी के छिड़काव और सड़क धुलाई के कार्यों से धूल और प्रदूषण पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम नियमित रूप से इन गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगा ताकि वायु गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता रहे।उद्यान प्रभारी डॉक्टर अनुज कुमार सिंह ने ग्रीन बेल्ट और पेड़-पौधों की सफाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों और पौधों की नियमित देखभाल न केवल वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, बल्कि शहर का प्राकृतिक सौंदर्य भी बनाए रखती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आस-पास हरियाली बनाए रखें और पौधों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने सड़क और फुटपाथ निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अभियान में रोड स्वीपिंग मशीन, जेसीबी और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि सभी प्रमुख मार्ग और सार्वजनिक स्थान धूल मुक्त एवं साफ-सुथरे बने रहें। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि हर सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थल की नियमित सफाई और मरम्मत की जाए। अभियान के दौरान मैकेनाइज्ड टीम और मैन्युअल टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। सफाई मित्र और माली टीम ने भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे शहर के नागरिकों ने स्वयं भी जागरूकता दिखाई और आसपास के क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान सड़क धुलाई, ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और पेड़-पौधों की सफाई के अलावा जल छिड़काव और धूल नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में शहरवासियों को जागरूक किया गया और उन्हें निगम के महाअभियान में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
नगर आयुक्त ने कहा कि यह अभियान नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से ही सफल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर विभाग अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखेगा और अभियान की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर जीवन गुणवत्ता, स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ रहने का अवसर प्रदान करना है।