-शहर वासियों की सुरक्षा के दृष्टिगत प्रमुख स्थानों के कैमरों को किया गया इंटीग्रेट
-300 अन्य कैमरे लगाने के लिए शासन को निगम ने भेजी डीपीआर
गाजियाबाद। शहरवासियों को सुरक्षित रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सेफ सिटी परियोजना के तहत सेफ सिटी पर पैनी नजर रखने के लिए नगर निगम की ओर से 1500 कैमरों को इंटीग्रेटेड करने का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसमें नगर निगम द्वारा अभी तक 1405 कैमरा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जा चुका है। जिसमें सिर्फ 95 कैमरा शेष है, जिन्हें भी जल्द इंटीग्रेट करने का काम किया जा रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में निगम की टीम योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। आगामी सप्ताह में इंटीग्रेट करने का कार्य चल रहा है, जिला प्रशासन, सीएमओ, जिला पूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग, प्राइवेट और सरकारी बैंक, होटल, प्राइवेट शिक्षा संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, ऑटोमोबाइल डीलर्स, पुलिस स्टेशन, आरडब्ल्यूए सोसाइटी, ट्रांसपोर्ट विभाग व अन्य द्वारा विशेष सहयोग किया गया। सेफ सिटी परियोजना के तहत गाजियाबाद के व्यापारी भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे है। मुख्य मार्गो/ चौराहा के कैमरा को इंटीग्रेट कराया है।
नगर आयुक्त द्वारा शहर हित में सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए 300 अन्य कैमरे लगाने के लिए डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। जिस पर कार्यवाही तेजी से चल रही है। नगर निगम के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से शहर वासियों की सुरक्षा को देखते हुए कैमरे के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। कई प्रमुख धार्मिक स्थलों, अस्पतालों के प्रांगण में मुख्य गेट और सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे के माध्यम से नजर बनी हुई है। कवि नगर, राजनगर, राजनगर एक्सटेंशन, जस्सीपुरा मोड़, वैशाली, नंदग्राम, ओल्ड व न्यू बस स्टैंड, मोहन नगर, पटेल नगर, विजय नगर, शास्त्री नगर, सिहानी गेट, मधुबन बापूधाम, संजय नगर, कौशांबी, पांडव नगर, नेहरू नगर, गांधीनगर, दयानंद नगर, लाल कुआं, राजेंद्र नगर, वसुंधरा, दौलतपुरा, भोपुरा, केला भट्टा, श्याम पार्क, लाजपत नगर, सूर्य नगर, प्रताप विहार, मेरठ रोड, सेवा नगर, रामनगर, चंदन नगर, महरौली, बिहारीपुर, लोहा मंडी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, लोहिया नगर व अन्य क्षेत्र में लगे हुए कैमरों को इंटीग्रेट किया जा चुका है।
जिसमें प्रमुख मार्गो के साथ-साथ कई आंतरिक गलियों में भी लगे हुए कैमरे को इंटीग्रेट किया गया है। लगभग 700 से अधिक स्थान पर लगे हुए कैमरे को इंटीग्रेटेड किया जा चुका है। भव्य आयोजित कावड़ यात्रा में भी कैमरा इंटीग्रेशन से काफी सहयोग रहा। बाजारी क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र में लगे हुए कैमरा इंटीग्रेशन पर आरडब्ल्यूए पदाधिकारी क्षेत्रीय पार्षदों, उद्योग बंधुओं द्वारा सेफ सिटी योजना के सफल क्रियान्वयन पर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई। नगर आयुक्त का कहना है शहरवासियों को सुरक्षित माहौल देने और उनकी सुरक्षा के लिए कैमरा इंटीग्रेशन का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। 1405 कैमरा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जा चुका है। जिसमें सिर्फ 95 कैमरा शेष है, उन्हें भी अगले सप्ताह तक पूरा किया जा रहा है।
इसके अलावा 300 अन्य कैमरे लगाने के लिए शासन को डीपीआर भेजी जा चुकी है। कैमरों की क्वालिटी इतनी शार्प है कि रात को अंधेरे में भी स्पष्ट तस्वीरें कैद हो सकेंगी। अपराधियों की लोकेशन के लिए फेस डिटेक्टर कैमरा सिस्टम काम करेगा। जिसके माध्यम से सिटी कमांड एंड कंट्रोल रूम में आसानी से उनकी पहचान हो सकेगी। निगम की टीम द्वारा अन्य सार्वजनिक स्थलों का चयन करते हुए कैमरा लगाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे स्थान को चयनित किया जा रहा है जहां पर जन सामान्य का अधिक से अधिक आवागमन बना रहता है, उनको शामिल किया जा रहा है। जिसमें फ्लाईओवर के नीचे, पिक्चर हॉल के बाहर, रेड लाइट, प्लेग्राउंड, सामुदायिक केंद्र व बैंक्विट हॉल अन्य को सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शामिल किया जा रहा है।


















