उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद मेंं लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर शिकंजा कसते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी में सात निर्माणाधीन इमारतों को सील कर दिया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-6 की टीम द्वारा की गई। गुरुवार को अधिशासी अभियंता आलोक रंजन के नेतृत्व में सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता गोपाल कृष्ण, वीके पांडेय तथा जीडीए पुलिस बल की उपस्थिति में यह सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई। इंदिरापुरम की शक्तिखंड-3 में भूखंड संख्या 248, 321, 331, 332 और 340 पर अवैध रूप से बनाए जा रहे बहुमंजिला भवनों को सील कर दिया गया। इसके अलावा वैशाली सेक्टर-6 के भूखंड संख्या 85 और कौशांबी के डी-35 पर भी जीडीए की मुहर लगी।
इन सभी निर्माणों में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य किया जा रहा था। जीडीए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो संबंधित बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं ने जमकर विरोध किया, लेकिन जीडीए पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर कार्रवाई को निर्विघ्न रूप से पूर्ण कराया। प्रवर्तन जोन-6 के प्रभारी ने मौके पर मौजूद लोगों को चेतावनी दी कि बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार का निर्माण यदि किया गया तो उसे सील कर दिया जाएगा या गिरा दिया जाएगा। जीडीए द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पूर्व यह जांच अवश्य कर लें कि वह वैध है या नहीं। अवैध इमारतों में निवेश करने से न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है बल्कि भविष्य में कानूनी झंझट भी झेलने पड़ सकते हैं। जीडीए का यह कदम न केवल शहरी अव्यवस्था पर प्रहार है, बल्कि एक संदेश भी कि गाजियाबाद अब बगैर स्वीकृति निर्माणों को स्वीकार नहीं करेगा।
















