-पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने इंदिरापुरम से दिखाई हरी झंडी, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फुर्ती से पहुंचेगी पुलिस
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नागरिक सुरक्षा को लेकर सतर्क और सक्रिय गाजियाबाद पुलिस ने एक और स्मार्ट कदम बढ़ाते हुए पेट्रोलिंग सिस्टम को तकनीकी पंख लगा दिए हैं। सोमवार को पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने 20 अत्याधुनिक मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया। यह आयोजन थाना इंदिरापुरम परिसर में संपन्न हुआ, जहां पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इन बाइक को विधिवत पुलिस बेड़े में शामिल किया गया। तकनीकी सुविधाओं से लैस बाइकें गश्त का अंदाज बदलेंगी। इन दोपहिया वाहनों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस किया गया है, जिनमें हाई-विजिबिलिटी एलईडी लाइट्स, इंटीग्रेटेड पुलिस बीकन, रिफ्लेक्टिव मार्किंग, कॉम्पैक्ट पब्लिक एड्रेस सिस्टम मौजूद है। इन तकनीकों की मदद से पुलिस अब दिन और रात दोनों समय में अधिक प्रभावी और फुर्तीली कार्रवाई कर सकेगी।
विशेषकर भीड़-भाड़ वाले बाजार, त्योहारों के दौरान, संकरी गलियों व पिक ऑवर में यह बाइकें तेज रफ्तार से काम करेंगी, जहां बड़े वाहन सीमित हो जाते हैं। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने कहा कि ये मोटरसाइकिलें केवल वाहन नहीं, बल्कि गाजियाबाद पुलिस की प्रतिबद्धता, तत्परता और तकनीक आधारित कामकाज की मिसाल हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ अपराध पर नियंत्रण नहीं, बल्कि जनता में भरोसा और संवाद को भी मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि शेष बाइक बेड़े का भी शीघ्र आधुनिकीकरण किया जाएगा, ताकि 100त्न पेट्रोलिंग मोटरसाइकिलें तकनीकी रूप से उन्नत हो सकें। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त (अपराध एवं कानून व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन जोन निमिष पाटिल और सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने इस पहल को भविष्य की आवश्यकता बताया और कहा कि इससे पुलिस की मौजूदगी सिर्फ तेजी से नहीं बढ़ेगी, बल्कि अपराध पर अंकुश और जनता में विश्वास दोनों ही मजबूत होंगे। इस तकनीकी पहल को आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस बल ने भी खुले दिल से सराहा है। गाजियाबाद कमिश्नरेट की यह पहल आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के लिए एक ‘स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल’ के रूप में उदाहरण बन सकती है। यह कदम न केवल अपराध नियंत्रण बल्कि स्मार्ट सिटी विज़न की दिशा में भी एक निर्णायक पहल माना जा रहा है।

















