विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026: मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करने प्रशासन का विशेष अभियान

  • ऑनलाइन आवेदन और कैम्प के माध्यम से हर मतदाता तक पहुंच बनाएं: सौरभ भट्ट
  • संगठनों के सहयोग से फार्म-6 भरवाने और समय पर जमा कराने पर जोर
  • औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कार्यालय परिसरों में विशेष कैम्प आयोजित
  • ऑनलाइन आवेदन और जागरूकता अभियान से हर मतदाता तक पहुंच बनाने का प्रयास

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी के निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता एडीएम (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट ने की। बैठक में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, औद्योगिक संगठन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), नर्सिंग स्टाफ संघ, निर्माण एजेंसियां, सिविल डिफेंस, मीडिया एसोसिएशन तथा आरडब्ल्यूए और एओए जैसे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।

गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र होने तथा बड़ी संख्या में विस्थापित कर्मचारियों और श्रमिकों के कार्यरत होने के कारण यह संभावना जताई गई कि गणना अवधि के दौरान कई अर्ह मतदाता अपने गणना प्रपत्र नहीं भर पाए होंगे, जिसके चलते उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने संगठनों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कर्मचारियों एवं श्रमिकों के फार्म-6 आवश्यक घोषणा पत्र सहित भरवाकर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अथवा निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) को समय से उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि छूटे हुए एवं अर्ह मतदाता ऑनलाइन माध्यम से voters.eci.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।

बैठक में संगठनों के सुझावों के आधार पर यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न कार्यालय परिसरों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विशेष अभियान के तहत कैम्प लगाकर फार्म भरवाने की प्रक्रिया को और गति दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इससे उन मतदाताओं तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी, जो कार्यस्थलों पर व्यस्तता के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। बैठक के अंत में प्रशासन की ओर से सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ध्वनि माध्यमों, बैठकों और आंतरिक संवाद के जरिए व्यापक जागरूकता फैलाएं। साथ ही औद्योगिक संस्थानों में ऑनलाइन कैम्प आयोजित कराकर अधिक से अधिक अर्ह और छूटे हुए कर्मचारियों एवं श्रमिकों को मतदाता सूची में पंजीकृत कराने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी का नाम छूटने न पाए।