जिलाधिकारी के निर्देश पर सोसाइटी और आवासीय शिकायतों पर सख्त कार्रवाई, जनसुनवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित

 • सोसाइटी प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही पर एफआईआर दर्ज
• नगर मजिस्ट्रेट की निगरानी में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को कराया पदभार ग्रहण
• हर नागरिक को सम्मान, अधिकार और स्वतंत्रता मिले, शिकायतों का पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित: रविन्द्र कुमार माँदड़
• टास्क फोर्स को दिए गए सख्त निर्देश, समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रशासन में भरोसा मजबूत करने के लिए सतत निगरानी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ प्रशासनिक सख्ती और जनसुनवाई में पारदर्शिता को लेकर लगातार चर्चा में हैं। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए वे हर स्तर पर एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। शिकायतों का पूर्ण गुणवत्ता से निस्तारण कराना हमारी जिम्मेदारी है। लगातार हो रही जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी को शहर की सोसाइटियों और बहुमंजिला आवासीय इमारतों से जुड़ी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों में विशेष रूप से सोसाइटी प्रबंधन समितियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं, रख-रखाव में लापरवाही, लिफ्ट, जनसुविधाओं और अन्य समस्याओं की अनदेखी जैसी बातें सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक विशेष टास्क फोर्स टीम गठित की, जो अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और लगातार मौके पर जाकर कार्रवाई कर रही है।
इसी क्रम में गुरुवार को एक बड़ा मामला सेवी बिले डे सोसाइटी, राजनगर एक्सटेंशन से सामने आया। इस सोसाइटी के निवासी सत्यजीत कुमार ने जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें सोसाइटी के पदाधिकारियों पर वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त से वार्ता की और प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए। आदेश के पालन में सोसाइटी के पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और भ्रष्टाचार या मनमानी की कोई गुंजाइश न रहे।
नगर मजिस्ट्रेट डॉ. सन्तोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनसुविधाओं और सोसाइटी प्रबंधन से संबंधित मामलों में सघन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि शिलर इंस्टिट्यूट आर-6, राजनगर में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण कराने हेतु मजिस्ट्रेट की निगरानी में कार्यवाही की गई। इसके लिए श्री आलोक यादव, नायब तहसीलदार सदर गाजियाबाद को मजिस्ट्रेट के रूप में नामित किया गया था। प्रात: 10 बजे मजिस्ट्रेट यादव पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे और थाना कविनगर पुलिस के सहयोग से नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को पुराने पदाधिकारियों से विधिवत अभिलेखों और जिम्मेदारियों का हस्तांतरण कराया।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि शासन की मंशानुरूप हर व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और स्वतंत्रता मिले, यह हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर आगे आए, यदि निचले स्तर पर समाधान न मिले तो सीधे हमसे संपर्क करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हर शिकायत का निस्तारण पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार या जिम्मेदारी से पलायन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टास्क फोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोसाइटी प्रबंधन, बिल्डरों और संबंधित एजेंसियों पर सख्त निगरानी रखकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हो।