-बिना अनुमति का कब्जा बना हादसे की वजह, अब नहीं चलेगी बिल्डर की मनमानी
-जीडीए की सख्ती से बिल्डरों को मिला कड़ा संदेश, नियम नहीं तो निर्माण नहीं
-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने खुद किया स्थलीय निरीक्षण, टॉवर-7 के फ्लैट्स होंगे खाली
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बीते बुधवार की रात से लेकर गुरुवार दोपहर तक हुई मूसलधार बारिश ने गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित अंसल सुशांत एक्वापोलिस इंटीग्रेटेड टाउनशिप में बड़ा संकट खड़ा कर दिया। जहां एक ओर तेज बारिश ने शहरवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं दूसरी ओर इस टाउनशिप के एप्पल टावर-7 के बेसमेंट में अचानक जमीन धंस गई, जिससे दर्जनभर गाडिय़ां मलबे में समा गईं और लोगों में हड़कंप मच गया। लेकिन इस संकट की घड़ी में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) एक मजबूत दीवार बनकर खड़ा हुआ और तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बारिश से हुए कटाव के कारण लगभग 25×25 फीट क्षेत्र में करीब 15 फीट गहराई तक मिट्टी धंस गई, जिससे बेसमेंट के पास खड़ी दर्जनों कारें मलबे में दब गईं। इस घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचे जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने स्थिति का गहन निरीक्षण किया और पाया कि बिल्डर ने बिना संपूर्ति प्रमाणपत्र के आवंटियों को फ्लैट का कब्जा सौंप दिया है।
यह न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ था। उन्होंने तुरंत ही बिल्डर व निर्माणकर्ता एजेंसी के खिलाफ थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए और यह स्पष्ट कर दिया कि जनता की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता स्वीकार नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बिल्डर ने बारिश से मिट्टी कटाव रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण नहीं कराया था और बेसमेंट के किनारे को खुला छोड़ दिया था। इसके अलावा, जिस टाउनशिप का तलपट मानचित्र जीडीए से वर्ष 2011 में स्वीकृत हुआ था, वहां पर बिल्डर ने अब तक न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया, न ही सड़कें, जलापूर्ति या ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था की गई। जीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इन तमाम लापरवाहियों को देखते हुए 5 मार्च 2025 को पहले ही एक एफआईआर बिल्डर के खिलाफ दर्ज कराई जा चुकी है, और अब पुन: कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस गंभीर घटना के बाद जीडीए ने न सिर्फ विधिक कार्यवाही की, बल्कि मौके पर ही मिट्टी भराई और सीवर लाइन मरम्मत का कार्य भी युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया।
उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में जीडीए की तकनीकी टीम और अधिकारी मौके पर डटे रहे और हालात को सामान्य बनाने में लगे रहे। टावर एप्पल-7 के जिन आवंटियों को बिना पूर्णता प्रमाणपत्र के फ्लैट दे दिए गए थे, उनसे फ्लैट खाली कराने का निर्देश भी जारी कर दिया गया है ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। जीडीए ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एनएच-9 से साहबेरी की ओर आने वाले नाले से टाउनशिप में जलप्रवाह को रोका जाए और संबंधित विभाग को पत्र भेजकर मुख्य नालों की तत्काल सफाई कराई जाए। जीडीए उपाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि यह मामला केवल एक टावर या बिल्डर की लापरवाही का नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और जीवन के अधिकार से जुड़ा है।
यदि कोई भी डेवलपर नियमों का उल्लंघन कर जनता को धोखे में रखता है, तो उसके खिलाफ जीडीए की कार्रवाई न सिर्फ सख्त होगी, बल्कि मिसाल बनेगी। इस पूरे घटनाक्रम में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने जिस तेजी, संवेदनशीलता और जवाबदेही से काम किया, वह दर्शाता है कि प्राधिकरण सिर्फ एक नियामक संस्था नहीं, बल्कि नागरिकों का संरक्षक है। जीडीए की यह पहल यह भी बताती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ा जा सकता है। संकट की इस घड़ी में जीडीए की सख्ती और तत्परता ने लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक सशक्त संस्था उनके साथ खड़ी है हर हाल में, हर कदम पर।
2011 में स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध चला निर्माण, नहीं दी गई सुविधाएं
जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि अंसल सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप का तलपट नक्शा 2011 में प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किया गया था, जिसके अंतर्गत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जलापूर्ति, सड़कें, ड्रेनेज जैसी अवस्थापना सुविधाएं निर्मित होनी थीं। परंतु बिल्डर ने अब तक इनमें से अधिकांश कार्य नहीं कराए, जबकि पूर्ण धनराशि जमा नहीं की गई। इसी के चलते 5 मार्च 2025 को पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
मौके पर शुरू हुआ भराव और मरम्मत कार्य, जीडीए की तकनीकी टीम जुटी
जीडीए ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गड्ढे में मिट्टी भराई और सीवर लाइन मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। तकनीकी टीम के निर्देशन में मुख्य नाले से टाउनशिप में जलप्रवाह को भी रोका गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जीडीए की अपील: फ्लैटधारी न रहें भ्रमित, प्राधिकरण है आपके साथ
प्राधिकरण ने टावर एप्पल-7 के सभी आवंटियों से फ्लैट खाली करने का अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में कोई जानमाल की हानि न हो। साथ ही जीडीए ने यह स्पष्ट किया है कि वह हर कदम पर पीडि़तों के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।

















