मंथन शुरू : किसानों की सरकार के साथ वार्ता

किसान प्रतिनिधियों ने मांगों संबंधी ड्राफ्ट रखा

नई दिल्ली। दिल्ली में किसान आंदोलन से निपटने के लिए केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बहुप्रतिक्षित वार्ता शुरू हो गई है। सरकार द्वारा किसानों के साथ चौथे दौर की वार्ता की जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि चर्चा के उपरांत हल नहीं आएगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और किसानों में आमने-सामने वार्ता हो रही है। किसानों ने लिखित में अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि आज किसानों से चौथे दौर की चर्चा हो रही है। उन्हें उम्मीद है कि सकारात्मक नतीजा निकलेगा। वहीं, किसानों ने सरकार के समक्ष डाफ्ट में विभिन्न मुद्दों को उठाया है। किसानों ने तीनों कृषि कानून वापस लेने, वायु प्रदूषण के कानून में बदलाव वापस लेने, विद्युत बिल के कानून में बदलाव करने, एमएसपी पर लिखित में भरोसा देने, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर पुनर्विचार किए जाने एवं डीजल की कीमत को कम करने आदि मांग की गई हैं। विज्ञान भवन में बैठक के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। वहीं, किसानों का आंदोलन वीरवार को आठवें दिन भी जारी है। किसान आंदोलन से पार पाने को बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। इस दरम्यान तीनों मंत्रियों ने किसान आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया था। नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने अमित शाह को मंगलवार को किसान प्रतिनिधियों के साथ संपन्न बैठक के विषय में जानकारी दी थी। किसान आंदोलन को समाप्त कराने को सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। आज की बैठक से सरकार को ढेरों उम्मीदें हैं। विभिन्न मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारियों को भी किसानों से बातचीत करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके लिए कुछ मंत्रालयों के अधिकारियों की सूची तैयार की गई है। इसमें तीनों कृषि कानूनों के विभिन्न प्रावधानों के प्रत्येक खंड पर चर्चा हेतु कृषि, गृह और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।