शुक्रवार सुबह धरने पर बैठे पार्षद रात में भी निगम मुख्यालय में डटे रहे। पार्षदों के धरने के बीच सबसे अधिक चर्चा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के व्यवहार और कार्यशैली की हो रही है। नगर आयुक्त पार्षदों के धरने के बीच अधिकारियों संग दरी पर जाकर बैठ गये और बोले मैं यही जमीन पर बैठकर आपसभी से बातचीत करूंगा। नगर आयुक्त ने पार्षदों की बातों को सुना और उनकी मांगों को पूरा करने की बात कही। नगर आयुक्त ने कहा कि कांवड़ यात्रा चल रही है वर्तमान में सभी इसमें व्यस्त हैं ऐसे में यात्रा संपन्न होने के बाद हर मुद्दे को हल कर लिया जाएगा। बातचीत के दौरान कुछ पार्षदों ने क्षेत्र में विकास कार्य कराये जाने की भी मांग रखी। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने और अधिक कार्य कराने के लिए फंड की आवश्यकता है। नगर निगम का प्रयास है कि सभी वार्डों में अधिक से अधिक विकास कार्य कराये जाये। बहरहाल नगर आयुक्त की बातों से पार्षद संतुष्ट नहीं हुए और अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। लेकिन नगर आयुक्त के सौम्य, सहज और सरल व्यवहार की खूब तारीफ हो रही है। शहर में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है और लोग कह रहे हैं कि इसी तरह के अधिकारियों की जरूरत है।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हाउस टैक्स में कमी की मांग को लेकर धरना दे रहे पार्षद जिद पर अड़े हुए हैं। पार्षदों का कहना है कि हाउस टैक्स को कम करने के बोर्ड प्रस्ताव को तत्काल अमलीजामा पहनाया जाये। निगम अधिकारियों का कहना है कि हाउस टैक्स के मामले में शासन से निर्णय लिया जाना है। इससे संबंधित केस हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में जो भी शासनादेश या कोर्ट का आदेश होगा उसे माना जाएगा। शुक्रवार सुबह धरने पर बैठे पार्षद रात में भी निगम मुख्यालय में डटे रहे। उधर, पार्षदों के धरने के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के व्यवहार ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। नगर आयुक्त अधिकारियों संग पार्षदों के बीच में जाकर बैठ गये और बोले मैं यही जमीन पर बैठकर आपसभी से बातचीत करूंगा। नगर आयुक्त ने पार्षदों की बातों को सुना और उनकी मांगों को पूरा करने की बात कही। नगर आयुक्त ने कहा कि कांवड़ यात्रा चल रही है वर्तमान में सभी इसमें व्यस्त हैं, ऐसे में यात्रा संपन्न होने के बाद हर मुद्दे को हल कर लिया जाएगा। बातचीत के दौरान कुछ पार्षदों ने क्षेत्र में विकास कार्य कराये जाने की भी मांग रखी। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने और अधिक कार्य कराने के लिए फंड की आवश्यकता है। नगर निगम का प्रयास है कि सभी वार्डों में अधिक से अधिक विकास कार्य कराये जाये। बहरहाल नगर आयुक्त की बातों से पार्षद संतुष्ट नहीं हुए और अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। लेकिन नगर आयुक्त के सौम्य, सहज और सरल व्यवहार की सभी तारीफ कर रहे हैं। शहर में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।
विदित हो कि हाउस टैक्स के मुद्दे पर गाजियाबाद नगर निगम में जबरदस्त राजनीति हो रही है। पार्षदों का एक गुट शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में धरने पर बैठ गया। हालांकि धरने पर पार्षद बैठे हुए हैं लेकिन नगर निगम की राजनीति को कंट्रोल पर्दें के पीछे से किया जा रहा है। दरअसल हाउस टैक्स के मामले में जो भी हो-हल्ला हो रहा है उसकी जड़ में राजनैतिक वर्चस्व का मसला है। ऐसे में आगे भी यह विवाद गहरायेगा। हालांकि शुक्रवार को धरने पर बैठे पार्षदों की संख्या कम रही। इसकी वजह पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी के निधन को बताया जा रहा है। धरना दे रहे पार्षदों का कहना है कि काफी संख्या में पार्षद पूर्व कैबिनेट मंत्री के घर पहुंच गये। इस कारण धरने में बैठने वालों की संख्या कम रही। धरने पर बैठे पार्षद नीरज गोयल ने कहा कि विगत बोर्ड बैठक के दौरान हाउस टैक्स बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था। ऐसे में इस प्रस्ताव पर तत्काल अमल किया जाये। नीरज गोयल ने कहा कि पार्षद बोर्ड बैठक के मिनट्स की मांग कर रहे हैं, जिसे उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, यह गलत है। ऐसे में मजबूर होकर पार्षद धरने पर बैठे हैं।
मिनट्स की मांग पर नगर आयुक्त ने पार्षदों से कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद मिनट्स की कॉपी उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पार्षद हिमांशु शर्मा द्वारा वार्ड कोटे के बारे में भी चर्चा की गई। पार्षद का कहना था कि वार्ड कोटा पूरा मिलना चाहिए। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि धन उपलब्धता के आधार पर शहर में विकास कार्य जारी रहेंगे। निगम पर किसी प्रकार की उधारी नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने सभी पार्षदों से निगम की गेट की बजाय सदन कक्ष में बैठने की अपील की। लेकिन पार्षदों ने इस अपील को नहीं माना। धरने पर बैठे पार्षदों में पार्षद नीरज गोयल, हिमांशु शर्मा, गौरव सोलंकी, कुसुम मनोज गोयल, नरेश भाटी, पूनम सिंह, राजकुमार भाटी, भूपेंद्र उपाध्याय, देवनारायण शर्मा, कन्हैया लाल, संतोष राणा, शिवम शर्मा, राहुल शर्मा, शशि पवन गौतम, मदन राय, प्रीति अभिनव जैन, ओमपाल, धीरज अग्रवाल, संजय त्यागी, पवन कुमार गौतम, अनिल तोमर, प्रमोद राघव, अजीत निगम, शशि खेमका, राजकुमार राजू, वीर सिंह आदि शामिल थे।

















