युवती को लेकर भागा 50 हजार का इनामी बदमाश को क्राइम ब्रांच ने दबोचा, प्रेमिका बरामद

-2008 में नाबालिग को लेकर फरार हो गया था आरोपी, घर में आता था ट्यूशन पढ़ाने

गाजियाबाद। वैज्ञानिक एवं भौतिक तरीके अपनाकर 17 वर्ष से फरार चल रहे 50 हजार इनामी को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। साथ ही उसकी प्रेमिका जो कि अब उसकी पत्नी बन चुकी है, उसे भी बरामद कर लिया है।
लोहिया नगर स्थित अपने कार्यालय में एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया डासना निवासी केदारनाथ ने 20 अप्रैल 2008 को सूचना दी कि यूसुफ पुत्र सलीमुद्दीन निवासी मसूरी उनकी 16 वर्षीय पुत्री को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। पीडि़त की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। जांच के दौरान प्रकाश में आए सलीमुद्दीन, करीमुद्दीन, अय्यूब, अज्जू उर्फ अयाज व आरिफ तसलीम को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज दिय गया था। मुख्य आरोपी यूसुफ फरार चल रहा था।

जिसके बाद मुख्य आरोपी की कुर्की की कार्यवाही की गई और आरोपी को भगोड़ा घोषित करते हुए आरोप-पत्र न्यायालय प्रेषित कर दिया गया था, तथा तभी से दोनों की तलाश जारी थी। शनिवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने 50 हजार इनामी यूसुफ को मसूरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। यूसुफ वर्ष 2008 से फरार चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध / मुख्यालय) गाजियाबाद द्वारा 18 मई 2024 को 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताय कि वर्ष 2004-2005 में बीएससी की पढाई पूरी की थी और आमदनी के लिए बच्चो को गणित विषय में ट्यूशन देता था और वादी मुकदमा के पुत्रो को गणित विषय में ट्यूशन देने उनके घर जाता था।

वहीं पर उसकी मुलाकात वादी मुकदमा की पुत्री से हुई। 19 अप्रैल 2008 को यूसुफ वादी मुकदमा की पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया था, बाद में दोनो नें शादी कर ली। शादी करने के बाद नूंह हरियाणा में मजदूरी करने लगा, पढा लिखा होने के कारण बाद में एक प्राइवेट स्कूल मे पढ़ाने लगा था। घर पर भी दोनों लोग कक्षा 6,7 व 8 के बच्चों को ट्यूशन पढाकर अपना खर्चा चलाने लगे। दोनों नें उसी समय से अपने परिवार वालों से समस्त सम्पर्क तोड दिये थे। वर्ष 2008 से अभी तक दोनों के बारे में किसी को कुछ पता नही था। वर्तमान समय में आरोपी के तीन बच्चे है।