नियम विरुद्ध गतिविधियों पर विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, डर के साये में बाहरी माफिया

– ओवर रेटिंग और अनियमितताओं पर पैनी नजर: चार लाइसेंसियों पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना
– गुप्त टेस्ट परचेजिंग से पकड़ा अवैध वसूली का खेल, दुकानों में खलबली
– खोड़ा की मॉडल शॉप में एलपीजी सिलेंडर और अनधिकृत शराब बरामद, अतिरिक्त जुर्माना
– “एक रुपये भी ज्यादा वसूला तो सजा तय”: आबकारी विभाग का स्पष्ट संदेश
– निरीक्षक मनोज शर्मा की धरातल पर पकड़ और जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की रणनीति
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में अवैध शराब और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर आबकारी विभाग का शिकंजा कसता ही जा रहा है। विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से न केवल बाहरी शराब माफिया जिले में कदम रखने से डर रहे हैं, बल्कि लाइसेंसधारियों में भी खौफ का माहौल है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व और निरीक्षक मनोज शर्मा की जमीनी सख्ती ने यह साफ कर दिया है कि अब गाजियाबाद में शराब का कारोबार नियमों से बाहर नहीं चल पाएगा। आबकारी विभाग की टीम सुबह दुकान खुलने से लेकर देर रात दुकान बंद होने के बाद तक निगरानी बनाए रखती है। इसी सतर्कता का नतीजा है कि ओवर रेटिंग से लेकर अनियमितताओं तक, हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। निरीक्षक मनोज शर्मा ने हाल ही में चार दुकानों पर बड़ी कार्रवाई कर न सिर्फ लाइसेंसियों पर जुर्माना ठोका, बल्कि विभाग के राजस्व में भी उल्लेखनीय इजाफा किया है।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने जानकारी दी कि हालिया कार्रवाई में कृष्णा नगर बागू स्थित रिंकू मलिक की देशी शराब की दुकान, बहरामपुर स्थित सोहन कुमार की कम्पोजिट दुकान, खोड़ा स्थित गौरव कुमार की मॉडल शॉप और सुदामापुरी, गौतम एंकलेव स्थित कीर्तिवर्धन त्यागी की देशी शराब की दुकान पर ओवर रेटिंग पकड़ी गई। इन चारों लाइसेंसियों पर विभाग ने 75-75 हजार रुपये का जुर्माना ठोका और कारण बताओ नोटिस जारी किया। ग्राहकों से खुलेआम पांच-दस रुपये अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। निरीक्षक मनोज शर्मा ने गुप्त टेस्ट परचेजिंग कर खुद ग्राहक बनकर इस खेल का पर्दाफाश किया। कार्रवाई होते ही दुकानों पर खलबली मच गई और जिले के अन्य लाइसेंसधारियों में भी डर का माहौल बन गया। खोड़ा स्थित गौरव कुमार की मॉडल शॉप पर निरीक्षक मनोज शर्मा ने और बड़ी गड़बडिय़ां उजागर कीं। दुकान के अंदर एलपीजी गैस सिलेंडर रखा मिला, दुकान पर साइन बोर्ड डिस्प्ले नहीं था और अनधिकृत शराब बेची जा रही थी। यहां से एक बोतल ओल्ड मॉक भी बरामद की गई, जो दुकान पर बेचने के लिए अधिकृत नहीं थी। इस पर विभाग ने 25 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी ठोक दिया।
“एक रुपये भी ज्यादा वसूला तो सजा तय”
आबकारी विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी ग्राहक से एक रुपये भी ज्यादा वसूला गया तो सख्त कार्रवाई होगी। विभाग न केवल भारी जुर्माना लगाएगा, बल्कि जरूरत पडऩे पर आरोपी लाइसेंसियों को जेल भी भेजा जा सकता है। इतना ही नहीं, दुकानों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही भी विभाग के अधिकार क्षेत्र में है।

निरीक्षक मनोज शर्मा की धरातल पर पकड़
पिछले कुछ दिनों में आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा की कार्यवाही ने विभाग की छवि को और मजबूत किया है। वे न केवल दुकानों की अनियमितताओं पर नकेल कस रहे हैं, बल्कि विभागीय राजस्व को भी बढ़ा रहे हैं। जिस तरह उन्होंने दुकानों पर ग्राहकों से हो रही अवैध वसूली को पकड़कर कड़ा जुर्माना लगाया, उसने अन्य लाइसेंसियों को भी सीधा संदेश दे दिया है कि गड़बड़ी करने पर अब कोई छूट नहीं मिलेगी।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की रणनीति भी इस सख्ती की बड़ी वजह है। उन्होंने विभाग की टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ने विभाग की कार्यवाहियों को और धारदार बना दिया है। संजय कुमार प्रथम का कहना है कि “गाजियाबाद में अवैध शराब और ओवर रेटिंग जैसी प्रवृत्तियों को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। हर ग्राहक को नियमों के मुताबिक सही दाम पर शराब मिले, यह विभाग की जिम्मेदारी है और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

लाइसेंसधारियों में मचा हड़कंप
इन लगातार हो रही कार्रवाइयों ने पूरे जिले के लाइसेंसधारियों में खौफ पैदा कर दिया है। अब वे सतर्क हो गए हैं और अपनी दुकानों पर व्यवस्था दुरुस्त करने लगे हैं। निरीक्षक मनोज शर्मा की सख्ती और संजय कुमार प्रथम की रणनीति ने यह साबित कर दिया है कि गाजियाबाद आबकारी विभाग अब पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इन कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि गाजियाबाद में अब अवैध शराब माफियाओं या नियम तोडऩे वाले लाइसेंसियों की कोई जगह नहीं बची है। विभाग की निगरानी और सख्ती के चलते शराब माफियाओं में खौफ है और ग्राहक राहत महसूस कर रहे हैं। गाजियाबाद आबकारी विभाग की यह कार्यशैली प्रदेश में एक मिसाल बन सकती है। जहां सुबह से रात तक सक्रिय टीमें, हर दुकान पर पैनी नजर और नियम विरुद्ध काम करने वालों पर सख्त दंड यह संदेश दे रहा है कि अब शराब कारोबार केवल नियमों के दायरे में ही चलेगा।