• तालाब से जंगल तक फैले हुए थे शराब के अड्डे, आबकारी विभाग ने बुजुर्ग महिला समेत दो को दबोचा
• तालाब के किनारे, बागों और घरों में चल रहा था कच्ची शराब का कारोबार
• 70 लीटर अवैध शराब जब्त, 500 किलो लहन नष्ट
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक बार फिर महुआ से बनने वाली अवैध शराब का कारोबार तेज़ी से पैर पसारने लगा था, लेकिन अब आबकारी विभाग ने इस काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए ऑपरेशन महुआ को एक निर्णायक अभियान के रूप में तेज कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को आबकारी निरीक्षक लक्ष्मी शंकर वाजपेई, अखिल गुप्ता, विवेक सिंह की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम इंद्रजीत खेड़ा थाना मोहनलालगंज, ग्राम भज्जा खेड़ा थाना नगराम, ग्राम जुखंडी थाना गोसाईगंज आदि क्षेत्रों में दबिश दी गई। दबिश के दौरान शराब तस्करों के ठिकानों पर छापा मारा गया। जहां मौके से 70 लीटर अवैध शराब बरामद करते हुए 500 किलोग्राम लहन को मौके पर नष्ट कर दिया गया। अवैध शराब के कारोबार में शामिल महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कुल 3 अभियोग पंजीकृत किए गए। गांवों में चल रहे इस कारोबार में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जो कि इस अवैध गतिविधि को पारिवारिक उद्यम की तरह अंजाम दे रहे हैं।
पुरुष तस्करी और भट्टियों के संचालन में लगे हैं, महिलाएं शराब बनाने का काम करती हैं, और बच्चे गली-मोहल्लों में निगरानी रखकर आने-जाने वालों की सूचना देते हैं। जिन इलाकों में दबिश दी गई, उनमें इंद्रजीत खेड़ा (थाना मोहनलालगंज), भज्जा खेड़ा (थाना नगराम), और जुखंडी (थाना गोसाईगंज) प्रमुख रहे। यहाँ तस्करों ने तालाबों के किनारे, बागों और घरों के पीछे गड्ढे खोदकर शराब से भरे ड्रम छिपाए हुए थे। तस्करों की यह तरकीब बताती है कि अवैध शराब का नेटवर्क कितना व्यवस्थित और शातिर तरीके से फैलाया गया है। अब आबकारी विभाग पूरी सख्ती के मूड में है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अब कहीं भी अवैध शराब निर्माण या बिक्री का मामला पकड़ा जाता है, तो आरोपी को सीधे जेल भेजा जाएगा। थाने से जमानत जैसी कोई रियायत नहीं मिलेगी। दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कम से कम 6 माह से अधिक की जेल की सजा भुगतनी होगी।
इतना ही नहीं, जहां शराब बनाई जा रही है, उस जगह के भूस्वामी को भी जांच के घेरे में लाया जाएगा। यानी केवल निर्माता नहीं, बल्कि भूमि मालिक भी जिम्मेदार होगा। आबकारी विभाग की कार्रवाई में एक बुजुर्ग महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं और आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कठोर दंड की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि अब विभाग ने हर गांव, मोहल्ले, खेत, जंगल और तालाब पर निगरानी के लिए संयुक्त टीमें तैनात कर दी हैं। मुखबिर तंत्र को पुन: सक्रिय किया गया है, जिससे गुप्त सूचनाएं मिल रही हैं। साथ ही आबकारी निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निगरानी करें, अन्यथा लापरवाही की स्थिति में उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मुखबिर तंत्र भी सक्रिय
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, बेरोजगारी और त्वरित आय के लालच में लोग इस काम में उतर जाते हैं। कच्ची शराब सस्ती पड़ती है और जल्दी बिकती है, जिससे इसमें जोखिम उठाने की प्रवृत्ति अधिक है। लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से यह जानलेवा साबित हो सकती है। अवैध शराब के निर्माण को रोकने और लोगों को इसके सेवन से बचाने के लिए आबकारी विभाग की टीम लगातार जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को जागरुक करने के साथ उन्हें सुधरने का भी मौका दे रही है।
स्वास्थ्य, समाज और प्रशासन तीनों के लिए चुनौती
अवैध शराब से न केवल कर राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यह समाज में अपराध, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। यही कारण है कि ऑपरेशन महुआ अब केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की मुहिम बन चुका है।

जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ के देहात क्षेत्रों में अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह खत्म करने के लिए आबकारी विभाग ने ऑपरेशन महुआ शुरू किया है। अब जो भी इस गोरखधंधे में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जमानत का कोई विकल्प नहीं रहेगा। यदि किसी स्थल पर अवैध शराब बनती पाई गई, तो वहां के ज़मीन मालिक को भी जांच में शामिल किया जाएगा। हमारी टीमें हर इलाके में सक्रिय हैं और मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया गया है। विभाग की निगरानी अब चौबीसों घंटे जारी रहेगी।
करुणेन्द्र सिंह
जिला आबकारी अधिकारी

















