उत्तरांचल भवन से जुड़ेगा पूरा उत्तराखंड समाज, सदस्यता अभियान से सामाजिक एकता को मिलेगा नया मंच

-नगर निगम की पहल से संगठित होगा उत्तराखंड समाज, 16 मई से शुरू होगी सदस्यता प्रक्रिया
-आजीवन, विशेष और सामान्य सदस्यता की तीन श्रेणियां तय, समाज को मिलेगी विशेष सुविधाएं
-ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण, उत्तरांचल भवन को सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद द्वारा उत्तराखंड समाज को संगठित, सशक्त और एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम प्रशासन ने उत्तरांचल भवन सामाजिक समिति के गठन के बाद अब इसके लिए सदस्यता पंजीकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह सदस्यता अभियान शनिवार 16 मई से औपचारिक रूप से प्रारंभ होगा। अभियान की शुरुआत उत्तरांचल भवन में प्रात: 9 बजे आयोजित विशेष बैठक से की जाएगी, जिसमें उत्तराखंड समाज से जुड़े नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर गठित उत्तरांचल भवन सामाजिक समिति का उद्देश्य भवन के संचालन को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समाज आधारित बनाना है। नगर निगम का मानना है कि जब किसी सामाजिक भवन का संचालन स्वयं समाज की सहभागिता से होता है, तो उसकी उपयोगिता और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं। इसी सोच के साथ सदस्यता प्रक्रिया को व्यापक रूप दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग समिति से जुड़ सकें। बैठक के दौरान इच्छुक नागरिकों को सदस्यता के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। सदस्यता प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रमाणिकता सुनिश्चित की जा सके।

नगर निगम प्रशासन ने सदस्यता को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्ग अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार इसमें शामिल हो सकें। आजीवन सदस्यता के लिए 11 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिससे सदस्य स्थायी रूप से समिति से जुड़े रहेंगे। विशेष सदस्यता पांच वर्ष की अवधि के लिए होगी, जिसके लिए 5,100 रुपये शुल्क तय किया गया है। वहीं सामान्य सदस्यता एक वर्ष के लिए मान्य होगी, जिसके लिए 2,100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इन तीनों श्रेणियों के माध्यम से समिति को व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।

नगर आयुक्त ने बताया कि सदस्य बनने वाले नागरिकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। समिति के सदस्य कार्यकारिणी चुनाव में भाग लेकर अपनी नेतृत्व भूमिका निभा सकेंगे। इसके अलावा उत्तरांचल भवन की बुकिंग में प्राथमिकता, आरक्षित दरों पर हॉल उपलब्धता, भवन संचालन से जुड़े दैनिक कार्यों में सहभागिता तथा उत्तराखंड समाज के प्रमुख सांस्कृतिक एवं पारंपरिक आयोजनों के लिए भवन आरक्षण जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। विशेष रूप से उत्तराखंड समाज के प्रमुख त्योहारों और सांस्कृतिक पर्वों के अवसर पर भवन समाज के लोगों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इससे सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षण मिलेगा और समाज के लोगों में आपसी जुड़ाव मजबूत होगा। उत्तरांचल भवन को केवल एक भवन नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना तैयार की गई है। सदस्यता प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इच्छुक नागरिक बारकोड और क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं।

वहीं ऑफलाइन भुगतान के लिए नगर निगम मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित कक्ष संख्या तीन से संपर्क कर रसीद प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक की नवयुग मार्केट शाखा में समिति के नाम से खोले गए खाते में भी सदस्यता शुल्क जमा करने की सुविधा दी गई है। उत्तरांचल भवन के संचालन को लेकर उत्तराखंड समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समाज से जुड़े लोग इसे वर्षों से लंबित एक बड़ी मांग की पूर्ति मान रहे हैं। नगर आयुक्त लगातार समाज की विभिन्न संस्थाओं और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संचालन व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटे हैं, ताकि भवन भविष्य में सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि अधिकाधिक सदस्यता से समिति को संस्थागत मजबूती मिलेगी और उत्तरांचल भवन सामाजिक समिति आने वाले समय में एक सशक्त सामाजिक संगठन के रूप में विकसित होगी। इस पहल से न केवल उत्तराखंड समाज को पहचान और मंच मिलेगा, बल्कि गाजियाबाद में सांस्कृतिक समरसता और सामाजिक सहभागिता को भी नई दिशा मिलेगी।