रात में भी जाग रही है कानून की आंख! आबकारी विभाग ने अवैध शराब तस्कर को रंगे हाथ दबोचा

-आबकारी विभाग की 24 घंटे मुहिम, तस्करों पर कसी जा रही है शिकंजे की मजबूत जकड़

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। आबकारी विभाग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों के लिए अब जनपद में कोई सुरक्षित कोना नहीं बचा है। सोमवार देर रात थाना फेज-1 क्षेत्र में आबकारी टीम ने दबिश देकर शराब तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जो अंधेरे का फायदा उठाकर यूपी मार्का देशी शराब की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तार तस्कर अजय पुत्र राम अवतार के पास से कैटरीना ब्रांड की 105 पौवों की अवैध खेप बरामद की गई है। ये कार्रवाई आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी की टीम द्वारा सेक्टर-10 स्थित एक पार्क के पास की गई, जहां वह गुपचुप तरीके से शराब की आपूर्ति कर रहा था। जिले की आबोहवा को शुद्ध और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में चल रही है चौबीसों घंटे की निगरानी और कार्रवाई। जबकि अधिकतर लोग मानते हैं कि रात 10 बजे शराब की दुकानें बंद होते ही जिले का निगरानी तंत्र भी सुस्त हो जाता है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जिला आबकारी अधिकारी श्रीवास्तव ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हमारी टीमें दिन-रात चेकिंग, गश्त और दबिश के अभियान में सक्रिय रहती हैं। हमारा उद्देश्य न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि जनस्वास्थ्य और जनजीवन को हर उस खतरे से बचाना है जो अवैध शराब जैसे मुनाफाखोर धंधों से जुड़ा है।

जिले में नहीं चलेगा अवैध शराब का कारोबार
अवैध शराब के कारोबार से जुड़े माफिया न केवल कानून को चुनौती देते हैं, बल्कि आम नागरिकों की जान से खेलते हैं। ये माफिया अपना मुनाफा जनता के जीवन की कीमत पर कमाने से नहीं चूकते। यही वजह है कि आबकारी विभाग ने हर मोर्चे पर तस्करों के खिलाफ सुनियोजित, सख्त और निरंतर कार्रवाई को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लिया है।

आबकारी विभाग का संदेश साफ- अब बख्शा नहीं जाएगा
अब साफ हो गया है कि गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के कारोबारियों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जिले में कानून के शिकंजे से कोई भी तस्कर नहीं बच सकेगा, चाहे वह रात के अंधेरे में हो या दिन की भीड़ में। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की दृढ़ नेतृत्व क्षमता और टीम की मुस्तैदी ने आबकारी विभाग को केवल कार्रवाई की एजेंसी नहीं, बल्कि जन सुरक्षा का प्रहरी बना दिया है।

अवैध शराब = जान का खतरा, माफिया नहीं समझते मर्यादा
अवैध शराब माफिया अपने लालच में ज़हरीली, नकली या मिलावटी शराब बनाते और बेचते हैं, जो आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए घातक सिद्ध होती है। हर साल सैकड़ों लोगों की मौतें या अंधेपन की घटनाएं इसी अवैध धंधे की देन होती हैं। गौतमबुद्ध नगर आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी ‘सप्लाई चैन’ अंधेरे में नहीं छिप सकेगी, किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में तस्करों के लिए पनाह नहीं बचेगी और जो भी इस धंधे में संलिप्त है, वह सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

टीमें न केवल कार्रवाई करती हैं, बल्कि टटोल रही हैं शहर की नब्ज
आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, डॉ शिखा ठाकुर, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, अभिनव शाही, नामवर सिंह, संजय चन्द्र जैसे अधिकारी केवल दफ्तर में बैठकर काम नहीं करते, बल्कि वे माफियाओं की गतिविधियों पर खुफिया नजर रखने के साथ सड़कों पर उतरकर, गली-कूचों में घुसकर, और संभावित रूट्स की निगरानी कर तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर रहे हैं। शराब माफियाओं को अब यह समझ लेना होगा कि वे जिस साये में कानून से बचते फिर रहे थे, अब वहां भी उजाला पहुंच गया है। आज आबकारी विभाग की नई कार्यशैली और जवाबदेही की पहचान बन चुके हैं। उनकी टीम लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग और शराब माफियाओं के ठिकानों पर दबिश देती रहती है।टीम का लक्ष्य सिर्फ अवैध कारोबार रोकना नहीं, लोगों की जिंदगियों को भी सुरक्षित करना है।