आबकारी विभाग की हर बोतल पर नजर, हर गली पर नजरबंदी, चप्पे-चप्पे पर तैनात निगरानी, देहात से बॉर्डर तक तस्करों पर शिकंजा, जनजागरूकता के सहारे सामाजिक आंदोलन में बदलता अभियान, जिले भर में सक्रिय आबकारी निरीक्षकों की टीम न केवल तस्करों के ठिकानों पर दबिश दे रही है, बल्कि हर लाइसेंसी दुकान, बॉर्डर चेकपोस्ट और संदिग्ध स्थानों पर दिन-रात निगरानी बनाए हुए है। जहां एक ओर दिल्ली-यूपी सीमा पर वाहनों की तलाशी का अभियान लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। खासतौर पर हिंडन खादर और ट्रांस हिंडन इलाकों में, जो पहले अवैध शराब के काले कारोबार के केंद्र माने जाते थे, वहां अब लोगों में कानून के प्रति जागरूकता और सहयोग की भावना दिखाई दे रही है।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अवैध शराब की कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए जिले में चलाया जा रहा आबकारी विभाग का ऑपरेशन क्लीन अब सिर्फ एक प्रशासनिक मुहिम नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से उभरता हुआ सामाजिक आंदोलन बनता जा रहा है। जिले भर में सक्रिय आबकारी निरीक्षकों की टीम न केवल तस्करों के ठिकानों पर दबिश दे रही है, बल्कि हर लाइसेंसी दुकान, बॉर्डर चेकपोस्ट और संदिग्ध स्थानों पर दिन-रात निगरानी बनाए हुए है। जहां एक ओर दिल्ली-यूपी सीमा पर वाहनों की तलाशी का अभियान लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। खासतौर पर हिंडन खादर और ट्रांस हिंडन इलाकों में, जो पहले अवैध शराब के काले कारोबार के केंद्र माने जाते थे, वहां अब लोगों में कानून के प्रति जागरूकता और सहयोग की भावना दिखाई दे रही है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा रहा है। मंगलवार को आबकारी निरीक्षकों मनोज शर्मा, अखिलेश कुमार, त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, अखिलेश बिहारी वर्मा, डॉ. राकेश त्रिपाठी और अनुज वर्मा की संयुक्त टीम ने साहिबाबाद, टीला मोड़, कृष्ण विहार कुटी, गगन विहार, कोयल एनक्लेव और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में विशेष रूप से उन जगहों को निशाना बनाया गया जहां शराब माफियाओं के पनपने की आशंका थी।
हालांकि, इन दबिशों में कोई अवैध शराब जब्त नहीं हुई, लेकिन इसका बड़ा असर यह रहा कि पूरे जिले में शराब तस्करों में दहशत का माहौल बन गया है। कई तस्कर अब खुद को छिपाकर या कारोबार को ठप कर चुके हैं। आबकारी विभाग ने अब ‘सॉफ्ट टारगेटिंग’ की रणनीति अपनाई है, जिसके तहत न केवल जब्ती और गिरफ्तारी की जाती है, बल्कि नागरिकों को अवैध शराब से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाता है। गांवों में नुक्कड़ सभाओं, बैनर, पोस्टर और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को इसके खिलाफ खड़ा किया जा रहा है। यही कारण है कि ग्रामीण महिलाएं, बुजुर्ग और युवाओं का भी अब सहयोग मिल रहा है। लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी विभाग की पैनी नजर है। समय से पूर्व या तय सीमा से अधिक शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई है।
विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी तरह की अनियमितता पाई गई तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन क्लीन की इस व्यापक सफलता का असर अब अन्य जिलों में भी दिखाई देने लगा है। गाजियाबाद मॉडल को अन्य जनपदों में भी अपनाने की तैयारी की जा रही है। यह स्पष्ट है कि प्रशासन की सख्ती, पुलिस और आबकारी विभाग की समन्वित कार्रवाई, और जनता की सहभागिता से गाजियाबाद में अवैध शराब का कारोबार जड़ से खत्म करने की दिशा में एक लंबी छलांग लगाई जा चुकी है। अगर इसी गति से अभियान जारी रहा तो गाजियाबाद जल्द ही प्रदेश के उन जिलों में शुमार होगा जहां अवैध शराब का नामोनिशान नहीं मिलेगा।
हिंडन खादर में नहीं बहेगी अब ‘जहरीली धार’
आबकारी विभाग ने हिंडन खादर क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण पर लगाम कसने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को जहरीली शराब से होने वाले नुकसान की जानकारी दे रही है और सहयोग की अपील कर रही है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के अनुसार, अब इस क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी है और तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
तस्कर भूमिगत, विभाग सतर्क
आबकारी विभाग की सख्ती और लगातार छापेमारी से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ऑपरेशन क्लीन अभियान के तहत विभाग की सक्रियता को देखते हुए तस्कर भूमिगत हो गए हैं। विभाग अब ग्रामीण और शहरी इलाकों में सतर्कता बढ़ाते हुए गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत कर रहा है। अधिकारी हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
लाइसेंसी दुकानों पर भी तगड़ी निगरानी
आबकारी विभाग ने लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। निर्धारित समय से पहले शराब की बिक्री को रोकने के लिए अधिकारियों और मुखबिर तंत्र की संयुक्त टीम लगातार दुकानों पर छापेमारी कर रही है। विभाग ने विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि अवैध कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

जिला आबकारी अधिकारी
गाजियाबाद।
देहात से शहर तक माफियाओं की तलाश में दबिश
जनपद में अवैध शराब के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है। लाइसेंसी दुकानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन न हो। अवैध शराब तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और आम जनता से अनुरोध है कि वे इस मुहिम में विभाग का पूरा सहयोग करें। अवैध शराब से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है ताकि समाज सुरक्षित और स्वस्थ रह सके।
संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी


















