– मासिक समीक्षा बैठक में विद्यालय निरीक्षण, ग्राम चौपाल और निपुण भारत मिशन को गति देने पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजि़याबाद। विकास भवन सभागार में मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल (आईएएस) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक और विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सीडीओ ने अपनी स्पष्ट और परिणामोन्मुख कार्यशैली का परिचय देते हुए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में सीडीओ ने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने निर्देश दिया कि बीटीएफ और डीटीएफ सदस्यों को विद्यालय निरीक्षण का कार्य सौंपा जाए और प्रत्येक सदस्य कम से कम एक विद्यालय को गोद लेकर निपुण भारत मिशन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और हर स्तर पर सुधार का असर दिखना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी ने एफएलएन प्रशिक्षण को लेकर भी सख्ती दिखाई।
उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में प्रशिक्षण की बैच साइज पचास से अधिक नहीं होनी चाहिए और शिक्षकों को बेहतर माहौल देने के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इसी क्रम में डीबीटी योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि जिन छात्रों के जन्म प्रमाण पत्र अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, उनके दस्तावेजों को नियमित फॉलोअप के साथ उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए ताकि पात्र बच्चों को समय पर लाभ मिल सके। बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम चौपाल आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। सीडीओ ने कहा कि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सुना जाएगा और तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उनका मानना है कि जब प्रशासन सीधे जनता के बीच संवाद स्थापित करता है तो भरोसा बढ़ता है और योजनाओं का असर भी दोगुना हो जाता है।
शैक्षिक नवाचार पर बोलते हुए सीडीओ अभिनव गोपाल ने कहा कि सभी विद्यालयों में संदर्शिका का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने अच्छे शैक्षिक मॉडल और कार्यप्रणालियों को लागू करने पर बल दिया और यह भी कहा कि मॉडल पीटीएम को उत्साह और रचनात्मकता के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही चिम्पल और संपर्क स्मार्ट टीवी जैसी तकनीकी सुविधाओं का उपयोग हर शिक्षक को प्रभावी ढंग से करना होगा, तभी बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में वास्तविक बदलाव आ पाएगा। यूडीआईएसई डेटा की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने निर्देशित किया कि सभी विद्यालय अपना डेटा समय पर और पूरी सटीकता से पूरा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर इसी डेटा से सामने आती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक के समापन पर सीडीओ श्री अभिनव गोपाल ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी तालमेल और समन्वय के साथ काम करें। जब टीमवर्क मजबूत होगा तभी गाजि़याबाद को निपुण भारत मिशन में अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिले के शिक्षक और अधिकारी यदि मिलकर काम करें तो गाजि़याबाद शिक्षा के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में मिसाल कायम कर सकता है। सीडीओ अभिनव गोपाल की कार्यशैली लगातार यह संदेश देती है कि वे परिणाम देने वाले अधिकारी हैं। उनकी प्राथमिकता सिर्फ योजनाओं को लागू करना नहीं बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर सफलता तक पहुँचाना है। उनकी सख्ती, समयबद्धता और दूरदर्शी सोच ने शिक्षा विभाग में एक नई ऊर्जा और कार्य संस्कृति को जन्म दिया है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में गाजियाबाद निपुण भारत मिशन की दौड़ में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
















