शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू व नशीले पदार्थ की न हो बिक्री: इन्द्र विक्रम सिंह

-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नॉर्को-आर्डिनेशन मैकेनिज्म (एनसीओआरडी) की बैठक सम्पन्न
-ई-सिगरेट पूर्णत: प्रतिबन्धित, बिक्री/संग्रहण/ ट्रान्स्पोर्टेशन करने पर जुर्माने के साथ होगी जेल

गाजियाबाद। जनपद के विद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं नशीले पदार्थों की बिक्री न होने पाए। इसको लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने नॉर कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (एनसीओआरडी) की बैठक में अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोटपा अधिनियम-2003 और पीईसीए एक्ट-2019 के तहत अभियान चलाते हुए जनपद को नशा मुक्त करें। कोटपा अधिनियम की मुख्य धाराओं के अनुपालन किए जाने के निर्देशित किया। इसमें मुख्य रूप से जनपद में ई-सिगरेट व हुक्का बार पर प्रतिबंध के अनुपालन में तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता को कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रमवार जनपद के 100-100 विद्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लेते हुए कार्रवाई करें।

विद्यालयों से 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार तम्बाकू, नशीला पदार्थ की बिक्री न हो। बिना वैधानिक चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचे जाने पर प्रतिबंद्ध हैं। कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-7 के अनुसार दंड के रूप में प्रथम बार नियमों का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना व द्वितीय व अग्रेतर अपराध के लिए 5 साल कैद और 10 हजार रुपए तक जुर्माना किए जाने का प्राविधान है। ऐसे ही पीईसीए एक्ट-2019 के तहत केंद्र सरकार के अध्यादेश द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट,ऐप पर पूर्णतय प्रतिबंधित है।, यदि कोई ई-सिगरेट को बिक्री और संग्रहण करना और ट्रांसपोर्ट करता पाया गया तो अधिनियम के तहत 1 वर्ष कैद या 1 लाख रुपए तक जुर्माना,दूसरी बार में 3 वर्ष कैद और 5 लाख रुपए तक जुर्माना करने का प्राविधान है। जिलाधिकारी ने जनपद में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार,होटल,रेस्टोरेंट आदि पर प्रतिबंध लगाए जाने के निर्देशित किया।

जनपद में नशा उन्मूलन एवं जन जागरूकता अभियान चलाए जाएं। ड्रग के विरोध में पैदल मार्च,दौड़,रैली निकाली जाए। एसएमएस,बैनर्स,पोस्टर, होर्डिंग आदि द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाए। नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तक जागरूकता पखवाड़ा मनाया जाए। स्कूल-कॉलेजों में एक दिन आवश्यक रूप से नशे के विरूद्ध जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। जिसमें निबंध,वाद-विवाद प्रतियोगिता,भाषण,चित्रकला आदि आयोजित की जाए। एलईडी स्क्रीन पर डिस्पले के माध्यम से नशा मुक्ति के लिए सूक्ष्म वीडियो,ऑडियों क्लिप्स के माध्यम से शहर के सभी बस स्टेशनों पर उद्घोषणा यंत्र द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने व रोडवेज के अनुबंधित ढाबों पर भी नशा मुक्ति से संबंधित होर्डिंग,बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए।

जनपद में संघन चेकिंग अभियान चलाकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम सिटी गंभीर सिंह, एसीपी अजय कुमार सिह, एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, डॉ. आशुतोष, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) एवं शिक्षा, आबकारी निरीक्षक हिम्मत सिंह, अनुज वर्मा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय विभाग, वन, कृषि, ज्यूरिडिक्शनल एसी, सेंट्रल जीएसटी, डीसी ऑफ कस्टम, एसडीएम, मेरठ यूनिट के एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के सीओ, ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा आदि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।