गाजियाबाद। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर दर्ज होने वाली शिकायतों का निस्तारण समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जा सके। इसको लेकर म्युनिसिपल कमिश्नर विक्रमादित्य सिंह मलिक का पूरा फोकस अब इन शिकायतों के निस्तारण पर है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने निगम अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों का निस्तारण भी किया जा रहा है। दरअसल, नगर निगम आईजीआरएस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण करने में पिछले माह की रैंकिंग में प्रथम स्थान पर रहा है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने इस रैंकिंग को बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को पे्ररित किया है।
इसके तहत शासन के पोर्टल में 10 विभागीय पटलों में मुख्यमंत्री संदर्भ, जिलाधिकारी, तहसील संपूर्ण समाधान दिवस, ऑनलाइन प्राप्त संदर्भ, मंडलायुक्त, केंद्र सरकार के पीजी पोर्टल, राजस्व परिषद निदेशालय, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, एंटी भू-माफिया, राज्यपाल संदर्भ से संबंधी शिकायतें प्राप्त होती हैं। इन पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण की समयावधि भी निर्धारित की जाती है। इसी क्रम में नगर निगम के संबंधित विभाग के अधिकारी समस्याओं का निस्तारण करते हैं। मुख्यमंत्री खुद भी आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग करते है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने अपर नगर आयुक्त अरूण यादव एवं आईजीआरएस प्रभारी पल्लवी सिंह को पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता से भी फीडबैक लेने के लिए कहा है।
















