उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में शराब की दुकानों को लेकर उठ रहे विवादों ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किए जाने के बाद विजयनगर क्षेत्र में दुकान खोलने को लेकर चल रहे विरोध के बीच अब पुलिस में रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई है। दुकान खोलने जा रहे अनुज्ञापी ने व्यापार मंडल के पदाधिकारी समेत चार लोगों पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है। राजनगर सेक्टर-10 निवासी अमिताभ मल्ल विशेन, जिन्हें आबकारी विभाग ने 7 मार्च को शराब की कंपोजिट दुकान के लिए लाइसेंस आवंटित किया था, उन्होंने विजयनगर थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यादव मार्केट, रेलवे रोड, सेक्टर-9 में किराए पर ली गई दुकान में मरम्मत का कार्य चल रहा था। लेकिन 29 मार्च की रात करीब 9:40 बजे कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर जबरन काम रुकवा दिया।
इतना ही नहीं, 3 अप्रैल को जब वह दोबारा दुकान पर कार्य के लिए पहुंचे, तो दीपक, कपिल गर्ग, शशि और एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि यदि दुकान खोलनी है तो 10 लाख रुपये देने होंगे, अन्यथा दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विजयनगर थाने में बीएनएस की धारा 308(2) और 352 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि दर्ज की गई एफआईआर में विजयनगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष कपिल गर्ग का नाम भी शामिल है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।
वहीं, आरोप यह भी है कि रसूखदार लोगों के दबाव में यह पूरी कार्रवाई कराई गई है। सूत्रों के अनुसार, लाइसेंसधारकों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और अदावत के चलते नए लाइसेंसधारकों का विरोध कराया जा रहा है। खासकर विजयनगर जैसे क्षेत्रों में पुराने लाइसेंसधारक कथित रूप से नए दुकानदारों के खिलाफ माहौल बना रहे हैं ताकि वे अपना कारोबार सुरक्षित रख सकें। शहर में शराब की दुकानों को लेकर चल रहे इस संघर्ष ने प्रशासन के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन किस प्रकार निष्पक्ष जांच कर इस विवाद को सुलझाता है और कानून व्यवस्था बनाए रखता है।
















