ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में इंजीनियरों की नहीं चलेगी मनमानी, सुपरवाइजर से लेकर सीनियर मैनेजर तक की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने जारी किया आदेश

-सुपरवाइजर, तकनीकी सुपरवाइजर और सहायक प्रबंधक को फील्ड में अपने आगे करना होगा काम
-प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधकों को सुबह 9:30 बजे दफ्तर में आना होगा जरूरी, फिर फील्ड में जाना होगा

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना (जीएम प्रोजेक्ट) एके सिंह ने कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए सुपरवाइजर से लेकर इंजीनियर तक के पेंच कस दिए हैं। सिविल, ड्रेनेज, हेल्थ आदि विभागों में तैनात सुपरवाइजर से लेकर सीनियर मैनेजर तक सभी कर्मचारीयों और अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय कर दी गई है। जीएम प्रोजेक्ट ने आदेश जारी कर सभी को कार्यप्रणाली से अवगत करा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने और काम को लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में परियोजना महाप्रबंधक का पद संभालने के बाद एके सिंह ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। कामचोर और लापरवाह किस्म के कर्मचारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई का हंटर चला रहे हैं। इसीक्रम में जीएम अब दफ्तर में कामकाज को व्यवस्थित करने में जुट गए हैं। महाप्रबंधक ने सभी सुपरवाइजर से लेकर वरिष्ठ प्रबंधकों तक के लिए आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सुपरवाइजर, तकनीकी सुपरवाइजर और सहायक प्रबधक अनिवार्य रूप से फील्ड में रहे। वह अपने सामने निर्माण कार्य को करवाए। इससे कार्यों की गुणवत्ता सुधारेगी और काम समय पर पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा की जरूरत होगी तो सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर को दफ्तर भी आना पड़ेगा। इसके लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन करना जरूरी होगा।
महाप्रबंधक ने आदेश में कहा है कि प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधकों को रोजाना सुबह 9:30 बजे दफ्तर में आना जरूरी होगा। दफ्तर आने के बाद उन्हें 10 बजे फील्ड में जाना होगा। दोपहर बाद 2 बजे तक फील्ड में रहकर कामों का संपादन करना होगा। इसके बाद दफ्तर जाकर काम काज निपटाने होंगे। उन्होंने कहा कि इन कामों को प्राथमिकता के अनुसार किया जाना है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।