ट्रैफिक क्रांति: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने आईटीएमएस परियोजना की प्रगति जाँची

  • अक्टूबर से आईटीएमएस के माध्यम से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पर होगी निगरानी
  • 850 से अधिक कैमरों और ऑटोमेटिक सिग्नल से ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर सख्त नियंत्रण
  • पुलिस और नगर निगम अधिकारी मिलकर करेंगे केंद्रीय मॉनिटरिंग
  • नॉन हेलमेट, ओवर स्पीड, ट्रिपल राइडिंग और पार्किंग उल्लंघनों पर होगी पूरी नजर
  • स्मार्ट सिटी योजना के तहत ट्रैफिक सुधार में नए मापदंड स्थापित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को रफ्तार से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में पी.डब्ल्यू.डी., यातायात पुलिस, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। नगर आयुक्त ने कहा कि अक्टूबर माह से आईटीएमएस की निगरानी में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह संचालित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के विभिन्न बिंदुओं पर इंस्टॉल किए जा रहे कैमरों के माध्यम से न केवल नियम उल्लंघन पर निगरानी रखी जाएगी, बल्कि वास्तविक समय में ट्रैफिक सुधार भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी हालत में कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को एक साथ मिलकर तेजी से काम करना होगा।

बैठक में एफकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड मोहित और प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव ने गाजियाबाद में इंस्टॉल हो रहे कैमरों की स्थिति और कार्य प्रगति की जानकारी दी। नगर आयुक्त ने कैमरा इंस्टॉलेशन के सभी बिंदुओं पर विभागीय समन्वय बनाने और समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत ढ्ढञ्जरूस् परियोजना को गति दी जा रही है। शहर में लगभग 850 से अधिक कैमरों के माध्यम से नॉन हेलमेट, ओवर स्पीड, ट्रिपल राइडिंग और पार्किंग उल्लंघन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए केंद्रीय मॉनिटरिंग बिल्डिंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इस बिल्डिंग से पुलिस और नगर निगम अधिकारी मिलकर ट्रैफिक की निगरानी करेंगे।

नगर आयुक्त ने कहा, आईटीएमएस के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को तुरंत पकड़ा जाएगा और वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ेगी। ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल लाइटों के रेड और ग्रीन होने का संचालन सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे ट्रैफिक प्रवाह में सुधार आएगा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह प्रणाली शहर के लिए एक नई क्रांति साबित होगी। बैठक में यातायात पुलिस, वन विभाग और नगर निगम अधिकारियों ने ट्रैफिक सुधार के लिए नए उपायों पर चर्चा की। अधिकारी नियमित दौरा, ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर रिपोर्टिंग और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। आईटीएमएस के माध्यम से ट्रैफिक उल्लंघन की वास्तविक समय में जानकारी मिलने से अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करने में आसानी होगी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य संपन्न कराए। उन्होंने कहा कि केवल निगरानी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।

आईटीएमएस परियोजना के अंतर्गत शहर के सभी प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। नॉन हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और ओवर स्पीडिंग जैसे उल्लंघन पर तुरंत नजर रखी जाएगी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ वाहन चालकों को जागरूक करना भी प्राथमिकता होगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बैठक के अंत में कहा कि आईटीएमएस परियोजना सिर्फ तकनीकी प्रणाली नहीं है, यह शहर के नागरिकों की सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार की दिशा में एक सशक्त कदम है। सभी विभागों और अधिकारियों का समन्वय सुनिश्चित होने पर गाजियाबाद में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर और सुरक्षित होगी। नगर निगम और पुलिस विभाग ने इस परियोजना के तहत सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम तेज कर दिया है। आईटीएमएस के संचालन से न केवल नियम उल्लंघन पर निगरानी बढ़ेगी, बल्कि सड़क पर दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आने की संभावना है। इस परियोजना से नगर निगम की ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। नगर आयुक्त की सक्रिय दिशा-निर्देश और टीम की तत्परता से यह परियोजना शहर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।