पारदर्शिता ही प्रशासन की असली पहचान, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: भानु चंद्र गोस्वामी

-मंडलायुक्त ने किया कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण
-हर आवेदन का पूरा हिसाब रखें, पारदर्शिता से ही बनेगा जनविश्वास
-गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत, महात्मा गांधी सभागार में हुई समीक्षा बैठक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी (आईएएस) ने बुधवार को गाजियाबाद कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट संदेश दिया कि पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा। उनके अचानक पहुंचे निरीक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद महात्मा गांधी सभागार में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन, शिकायत और पत्राचार का संपूर्ण विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने राजस्व लेखा विभाग, रिकॉर्ड कक्ष (फाइल एवं भूमि अभिलेख), भूलेख शाखा, संयुक्त कार्यालय, शस्त्र शाखा सहित कई विभागों की फाइलों का गहन परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अभिलेख रजिस्टर तथा कंप्यूटर प्रणाली दोनों में सुरक्षित रखे जाएं और प्रतिदिन अद्यतन किए जाएं। उन्होंने कहा कि आवेदन की प्राप्ति तिथि, उस पर की गई कार्यवाही, वर्तमान स्थिति, संबंधित अधिकारी का नाम, कितने समय से लंबित है तथा अंतिम निस्तारण की तिथि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। यदि रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं रहेगा तो न केवल कार्य प्रभावित होगा बल्कि प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठेंगे। मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की स्थिति में सुव्यवस्थित रिकॉर्ड ही कार्य की निरंतरता बनाए रखता है। इसलिए डेटा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने पटल के कार्यों की नियमित समीक्षा स्वयं करें।

यह सुनिश्चित किया जाए कि अधीनस्थ कर्मचारी नियमानुसार कार्य कर रहे हैं और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखे जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जाती है या कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जवाबदेही तय करना प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई और अभिलेखों की सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष भी व्यक्त किया गया। संबंधित अधिकारियों की सराहना करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि इसी प्रकार अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ भट्ट, अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप, अपर जिलाधिकारी (भूमि अधिग्रहण) अवनीश कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ज्योति मौर्य, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अंजूम बी., सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त के इस औचक निरीक्षण को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।