राजनगर एक्सटेंशन का कायाकल्प, जीडीए ने तेज की आधारभूत विकास की रफ्तार

– गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता जीडीए की प्राथमिकता : नंदकिशोर कलाल
– सड़क, नाला और सीवर परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर काम
– जलभराव से मुक्ति और बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के नेतृत्व में राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकास कार्यों ने नई गति पकड़ ली है। सुनियोजित शहरी विकास की परिकल्पना को साकार करते हुए प्राधिकरण द्वारा सड़क, नाला और सीवर लाइन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता पर कराया जा रहा है। उद्देश्य स्पष्ट है-क्षेत्रवासियों को बेहतर यातायात सुविधा, सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था और आधुनिक शहरी ढांचा उपलब्ध कराना। उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि राजनगर एक्सटेंशन तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। जीडीए का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता व समयसीमा का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
खसरा संख्या 96 एवं 97, नंदग्राम स्थित नवसृजित भूखंडों के सामने नाला निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण होने से वर्षा जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव की स्थिति से राहत मिलेगी। उपाध्यक्ष ने कहा कि जलभराव शहरी जीवन की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इसे दूर करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। नूरनगर क्षेत्र में 24 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस मार्ग पर नाला और सीवर लाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा वर्तमान में मिट्टी भराई का कार्य जारी है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद यहां आवागमन सुगम और व्यवस्थित होगा। इसी क्षेत्र में 18 मीटर चौड़ी सड़क के अंतर्गत नाला निर्माण और मिट्टी भराई का कार्य भी निरंतर जारी है।
प्राधिकरण का मानना है कि इन सड़कों के बनने से स्थानीय नागरिकों को यातायात जाम और अव्यवस्था से राहत मिलेगी। सिकरोड़ के निकट प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के तहत 500 मीटर लंबाई में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही मेनहोल और नाला निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। यह सड़क भविष्य में क्षेत्र की प्रमुख संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होगी और यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि  ‘हम ऐसी सड़कों का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि बार-बार खुदाई या पुनर्निर्माण की आवश्यकता न पड़े। ‘
भट्टा नंबर-5 तक 30 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के साथ अविवादित भूमि पर नाला निर्माण कार्य भी जारी है। यह परियोजना आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और समग्र विकास को गति देगी।
इसके अतिरिक्त श्रीराम हाईट्स के समक्ष 380 मीटर लंबाई में 45 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ 10 फरवरी 2026 को किया गया। यहां वर्तमान में मिट्टी भराई और नाला निर्माण के लिए खुदाई का कार्य चल रहा है, जो आंतरिक संपर्क व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा। उपाध्यक्ष कलाल ने कहा कि जीडीए का लक्ष्य राजनगर एक्सटेंशन को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।  ‘हम पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के सिद्धांतों पर कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी चल रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाएं पूर्ण होने से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। जीडीए के नेतृत्व में राजनगर एक्सटेंशन तेजी से एक आदर्श और सुविकसित शहरी क्षेत्र के रूप में उभर रहा है।
नंद किशोर कलाल
जीडीए उपाध्यक्ष
राजनगर एक्सटेंशन को आधुनिक और आदर्श शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। जीडीए केवल निर्माण कार्य नहीं कर रहा, बल्कि दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास की मजबूत नींव रख रहा है। प्रत्येक सड़क, नाला और सीवर परियोजना को वैज्ञानिक योजना, गुणवत्ता मानकों और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ पूरा किया जा रहा है। हम नियमित स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को बेहतर यातायात, प्रभावी जल निकासी और विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि राजनगर एक्सटेंशन आने वाले वर्षों में सुव्यवस्थित शहरी विकास का उदाहरण बन सके।
नंदकिशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए