तुलसी निकेतन भवनों का रि-डेवलपमेंट होगा जल्द, जीडीए और एनबीसीसी करेंगे एमओयू साइन

-जीडीए की पहल से 2292 फ्लैट और 60 दुकानों का होगा आधुनिक पुनर्विकास, कोई परिवार नहीं होगा बेघर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। तुलसी निकेतन योजना के पुराने और असुरक्षित फ्लैटों का रि-डेवलपमेंट करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, संयुक्त सचिव एमपी सिंह, अधिशासी अभियंता राजीव सिंह, सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला और एनबीसीसी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान एनबीसीसी के अधिकारियों ने तुलसी निकेतन योजना के रि-डेवलपमेंट प्लान का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि रि-डेवलपमेंट कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में प्री-फैजि़बिलिटी स्टडी तैयार की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट अगले आठ सप्ताह के भीतर जीडीए को सौंपी जाएगी। दूसरे चरण में संपूर्ण डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस प्रक्रिया के बाद ही एमओयू पर अंतिम रूप दिया जाएगा। अतुल वत्स ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य किसी प्रकार की आय अर्जित करना नहीं है। योजना के तहत किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जाएगा और पुनर्विकसित फ्लैट में पहले से रह रहे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि तुलसी निकेतन योजना वर्ष 1990 में स्थापित की गई थी, जिसमें 2292 फ्लैट और 60 दुकानें हैं, और लगभग 20 हजार लोग निवास करते हैं। जीडीए के सर्वे के अनुसार, इन भवनों को अब रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।
जीडीए और निजी विकासकर्ताओं के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 16 एकड़ क्षेत्र में नई बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। इसके अंतर्गत पुराने ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार 2004 ईडब्ल्यूएस और 288 एलआईजी मकानों को आधुनिक ढांचे में बदला जाएगा, ताकि यहाँ रहने वाले लोग सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

जीडीए उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम पायदान पर रह रहे नागरिकों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जीडीए पहले से योजना के निवासियों के हित में कदम उठा रहा है और उनका सुरक्षित रहने का अधिकार सर्वोपरि रहेगा। इस योजना से न केवल भवनों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र का सौंदर्य और बुनियादी सुविधाएं भी उन्नत होंगी। इसके अलावा नए फ्लैटों में सुरक्षित पार्किंग, हरित क्षेत्र, खेलकूद और सामुदायिक सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्य तेजी से और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएँ।

उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना के प्रत्येक चरण में स्थानीय निवासी और उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही परियोजना का संचालन और निर्माण कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा। तुलसी निकेतन रि-डेवलपमेंट परियोजना गाजियाबाद में सुरक्षित और आधुनिक आवास मुहैया कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल पुराने और असुरक्षित भवनों की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि शहर के लोगों को आधुनिक जीवन शैली और बेहतर बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान करेगी। इस परियोजना के पूरा होने से गाजियाबाद की रियल एस्टेट विकास की दिशा में भी नई पहचान बनेगी।