आरपीएफ महानिदेशक मनोज यादव के नेतृत्व में हॉट स्प्रिंग्स मेमोरियल पर देश के वीर सपूतों को नमन करने पहुंचा पुलिस अधिकारियों का दल

पुलिस अधिकारियों के 28 सदस्यीय दल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वीर सपूतों को किया याद
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। देश के जांबाज शहीदों की स्मृति में लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स मेमोरियल स्थापित है। पुलिस अधिकारियों के 28 सदस्यीय दल ने वहां जाकर वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अपिज़्त की। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और विभिन्न राज्य पुलिस के अधिकारियों के इस दल का नेतृत्व रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक मनोज यादव ने किया। हॉट स्प्रिंग्स मेमोरियल पर शौर्य और बलिदान की गाथा को पुलिस दल की ऐतिहासिक सलामी रही। पुलिस अधिकारियों का यह दल 3 सितंबर की सुबह वहां पहुंचा था। तेलंगाना पुलिस के डीआईजी एन. प्रकाश रेड्डी इस समूह के उपनेता के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा एसपी आदित्य एस. वारियर ने पंजाब पुलिस का प्रतिनिधित्व किया। जबकि हरियाणा पुलिस से एएसआई सचिन मलिक ने शिरकत की। इस दौरान भारतीय सेना, आईटीबीपी और आईटीबीएफ के बहादुर अधिकारी और जवानों ने भी पुलिस दल के साथ शहीदों को सलामी दी। सेना, आईटीबीपी और आईटीबीपी अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की इस समय बड़ी सतर्कता के साथ कड़ी निगरानी कर रहे हैं।बहादुर सोनम दोरजे से मुलाकात
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान पुलिस दल ने 86 वर्षीय सोनम दोरजे से भी मुलाकात की। सोनम दोरजे विगत 21 अक्टूबर 1959 की घटना के दौरान चीनी सैनिकों के सामने डटकर खड़े रहने वाले बहादुर गश्ती दल के सदस्य थे। उन्हें इस दौरान बंदी बनाया गया था, मगर दोरजे की बहादुरी और साहस आज भी प्रेरणादायक है।

दुर्गम क्षेत्र में पवित्र स्थल
यह स्थल समुद्र तल से 15 हजार 400 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। दुगज़्म और निजज़्न क्षेत्र में भारतीय पुलिस बल के लिए यह एक पवित्र स्थल है। यह स्मारक 1959 में दस सीआरपीएफ जवानों की शहादत की याद में बना था, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा कर अपने प्राणों की आहुति दी थी। 1960 से इस स्थल पर प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि अपिज़्त करने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है। देशभर के पुलिस अधिकारी, सेवारत और सेवानिवृत्त इस पवित्र स्थल पर श्रद्धांजलि अपिज़्त करते हैं।

आरपीएफ डीजी का ऐतिहासिक नेतृत्व
इस साल का श्रद्धांजलि कार्यक्रम इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक मनोज यादव पहले ऐसे डीजी बने जिन्होंने इस दल का नेतृत्व किया। उनकी मौजूदगी ने भारत की विभिन्न पुलिस बलों के बीच एकता, शक्ति और सद्भाव का प्रतीक स्थापित किया। डीजी मनोज यादव ने इस यात्रा को 1958 में आरपीएफ की स्थापना से अब तक कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले 1011 बहादुर सैनिकों को समपिर्त किया। उन्होंने 1959 के शहीदों की बहादुरी और बलिदान को याद कर कहा किए उनका साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण हमेशा पुलिस इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज रहेगा।