Uttar Pradesh में आबकारी राजस्व का नया रिकार्ड: नवम्बर तक 15.59 % की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

-नवम्बर माह में 4,486.49 करोड़ रुपये का राजस्व, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 35,144.11 करोड़ अर्जित
-जिलों की कुशल रणनीतियों ने अवैध शराब पर शिकंजा कसा
– 70,000 से ज्यादा अभियोग और 18.5 लाख लीटर अवैध मदिरा बरामद
– 70,000 से अधिक अभियोग, 18.5 लाख लीटर अवैध शराब जब्त, 13,243 गिरफ्तार

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। Uttar Pradesh में आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया है। आबकारी राजस्व में नवम्बर माह तक 15.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शनिवार को प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि केवल नवम्बर माह में ही 4,486.49 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष के इसी माह में प्राप्त 4,071.47 करोड़ रुपये की तुलना में 10.19 प्रतिशत अधिक है। मंत्री ने कहा कि नवम्बर माह तक कुल आबकारी राजस्व 35,144.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 30,402.34 करोड़ रुपये की तुलना में 4,741.77 करोड़ रुपये अधिक है। निर्धारित 37,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष यह 92.73 प्रतिशत का उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्शाता है। उत्तर प्रदेश के राजस्व में आबकारी विभाग अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। जिसके लिए जिले में तैनात आबकारी अधिकारी और उनकी टीम अपनी कार्यवाही का बेहतर प्रदर्शन कर रही है। मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक जिले में स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र का उपयोग करके, गोपनीय छापेमारी और बाजार में रैपिड चेकिंग अभियान चलाकर अवैध शराब की पहचान और पकड़ सुनिश्चित की जा रही है।

आबकारी मंत्री ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आबकारी अधिकारी और उनकी टीम ने कुशल रणनीतियों को अपनाते हुए न केवल राजस्व में वृद्धि की बल्कि अवैध मदिरा पर भी सख्त कार्रवाई की। नवम्बर माह में दैनिक प्रवर्तन कार्रवाई के तहत 10,002 अभियोग दर्ज किए गए और 2.35 लाख बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई।
प्रदेश के जिलों की टीमों ने अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर निगरानी तेज कर दी है। इसके परिणामस्वरूप अब तक 13,243 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 2,464 को जेल भेजा गया। इसी रणनीति के तहत विभाग ने लोगों को अपराध से रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आबकारी मंत्री ने कहा कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई विभाग की शीर्ष प्राथमिकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर माह तक प्रदेश में कुल 70,017 अभियोग दर्ज किए गए और 18.5 लाख लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। मंत्री ने यह भी कहा कि जिलों में तैनात टीमों ने स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए अवैध मदिरा के मामलों पर लगातार निगरानी रखी।

इस रणनीति का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। केवल राजस्व संग्रह में ही वृद्धि नहीं हुई बल्कि अवैध मदिरा की बिक्री और तस्करी पर भी सख्त नियंत्रण स्थापित हुआ। मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक जिले में आबकारी अधिकारी और उनकी टीम ने अपने क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय और सूचना नेटवर्क के सहयोग से अवैध मदिरा पर सख्त शिकंजा कसा है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की यह रणनीति दोहरी सफलता साबित हुई है। एक ओर प्रदेश का राजस्व लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अवैध मदिरा पर कड़ा नियंत्रण बनाकर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री ने कहा कि विभाग की कुशल टीमों और जिलों की रणनीतिक कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप अब उत्तर प्रदेश आबकारी क्षेत्र में मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि केवल राजस्व वृद्धि ही नहीं बल्कि समाज से अवैध मदिरा और मादक पदार्थों को पूरी तरह समाप्त करना भी सुनिश्चित किया जाए। जिलों में कार्यरत आबकारी अधिकारी इस दिशा में दिन-रात जुटे हुए हैं। आबकारी विभाग अगले वित्तीय वर्षों में भी इसी रणनीति को जारी रखते हुए अवैध मदिरा पर कार्रवाई और राजस्व संग्रह दोनों में लगातार सुधार करना चाहता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसके लिए प्रत्येक जिले में टीमों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है, प्रशिक्षण दिया जा रहा है और तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर प्रभावी निगरानी प्रणाली स्थापित की जा रही है। उत्तर प्रदेश के नागरिकों और प्रशासन के लिए यह एक संदेश है कि राजस्व संग्रह और कानून व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना संभव है। आबकारी विभाग की यह उपलब्धि राज्य में सभी जिलों की टीमों की मेहनत और कुशल रणनीतियों का परिणाम है।