-जीडीए उपाध्यक्ष के सख्त आदेश पर प्रवर्तन टीम की कार्रवाई, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन में नक्शे के अनुरूप नहीं बने निर्माण ध्वस्त
-भूखंड संख्या 775 के छठे तल पर अवैध कॉलम तोड़े गए, भूखंड संख्या 499ए की अवैध व्यवसायिक दुकानों पर बुलडोजर चला
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-8 के प्रभारी अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1 में नक्शे के विपरीत बने निर्माणों को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता सुरजीत कुमार और अवर अभियंता रितुपाल के अलावा जीडीए पुलिस बल और शालीमार गार्डन थाना पुलिस भी मौजूद रही। कार्यवाही के तहत सबसे पहले भूखंड संख्या 775 के छठे तल पर बनाए गए अवैध कॉलमों को बुलडोजर की मदद से तोड़ा गया। इसके तुरंत बाद भूखंड संख्या 499ए पर अवैध रूप से निर्मित व्यवसायिक दुकानों को बुलडोजर के जरिए ध्वस्त किया गया और शटर उखाड़े गए।
अधिकारियों ने बताया कि इस स्थान पर पहले आवासीय नक्शा पास था, लेकिन निर्माणकर्ताओं ने बिना अनुमति व्यवसायिक दुकानों का निर्माण किया था। ध्वस्तीकरण के दौरान निर्माणकर्ताओं ने जमकर विरोध किया, लेकिन जीडीए पुलिस बल ने उन्हें नियंत्रित करते हुए कार्रवाई में बाधा न डालने दिया। अधिकारियों ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए प्रवर्तन टीम ने कहा कि यह कार्रवाई शहर में निर्माण नियमों के पालन और नक्शे के अनुसार संरचनाओं को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। अन्य अनाधिकृत निर्माण और कॉलोनियों पर भी लगातार निगरानी जारी है। प्रवर्तन टीम ने शहरवासियों से अपील की कि वे निर्माण संबंधी शिकायतें जीडीए कार्यालय में दर्ज कराएं ताकि नियमों के अनुपालन में सहयोग मिल सके।
शहरी विकास में इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट होता है कि गाजियाबाद में नियम और कानून की उच्च प्राथमिकता है। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध निर्माण की रोकथाम के लिए सतत निगरानी बनाए रखें और शहर को व्यवस्थित, नियमों के अनुरूप और सौंदर्यीकरण के मानकों के अनुसार बनाए रखने में कोई समझौता न करें।
















