-अधिकारियों ने बढ़ाई कार्यवाही की रफ्तार, दो पारियों में हो रहा पानी का छिड़काव
गाजियाबाद। एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण को लागू कर दिया गया है। यह निर्णय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद लिया गया। ग्रेप के तहत क्षेत्र में कई सख्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे, जिनमें निर्माण और तोडफ़ोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, उद्योगों में प्रदूषणकारी गतिविधियों की रोकथाम और डीजल वाहनों के संचालन पर कड़े नियम शामिल हैं। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।
बढ़ते वायु प्रदूषण से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए एक बार फिर से नगर निगम की टीम ने अपनी कमान संभाल ली है। शहर की हवा को फिर से स्वच्छ करने में जुटा हुआ है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए उपकरणों के माध्यम से कार्यवाही को बढ़ाया गया। शहर में वाटर स्प्रिंकलर 30 रोड स्वीपिंग मशीन 8 एंटी स्मोक गन 8 व अन्य उपकरण वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सुबह-शाम कार्य किए जा रहे है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार ने बताया वायु गुणवत्ता सुधार के लिए कार्यवाही को पुन: तेज कर दिया गया है। कहीं भी खुले मे आग ना लगे, क्विक रिस्पांस टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा अवैध रूप से चल रही भट्टियों को बंद कराते हुए जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा रही है। वसुंधरा जोर अंतर्गत पॉलिथीन मुक्त तथा भट्टियों को बंद करते समय एक लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
इस प्रकार अन्य जोन में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यवाही को बढ़ाया जा रहा है। नगर आयुक्त द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए ग्रैप लगने के बाद कार्यवाही को बढ़ा दिया गया है। सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। जिसमें अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव और अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार को मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। निरंतर उपकरणों की मॉनिटरिंग शहर में कहीं आग ना लगे निगाह रखने के लिए कहा गया है। जलकल विभाग, निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और उद्यान विभाग संयुक्त रूप से टीम बनाकर बढ़ते वायु प्रदूषण के विरुद्ध निरंतर एक्टिव रहने की निर्देश दिए गए।

















