यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बाबा का बुलडोजर गरज रहा है। यीडा CEO डॉ. अरुणवीर सिंह के नेतृत्व में अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर की कार्रवाई से भू-माफिया और क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने वाले कोलोनाइजर में दहशत है। अतिक्रमण के खिलाफ जारी इस मुहिम से क्षेत्र में विकास का रास्ता प्रशस्त हो रहा है और पुरानी रूकी हुई परियोजनाओं को रफ्तार मिली है। प्राधिकरण द्वारा लगभग 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त कराया गया जिसकी कीमत लगभग 1867 करोड़ है।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बाबा का बुलडोजर गरज रहा है। यीडा सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के नेतृत्व में अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर की कार्रवाई से भू-माफिया और क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने वाले कोलोनाइजर में दहशत है। यमुना प्राधिकरण द्वारा की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड बताता है कि यहां अतिक्रमण करने वालों को लेकर किसी प्रकार की नरमी नहीं है। अतिक्रमण हटाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ ही संगठित रूप से अवैध कॉलोनी बसाने की फिराक में लगे लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण के खिलाफ जारी इस मुहिम से क्षेत्र में विकास का रास्ता प्रशस्त हो रहा है और पुरानी रूकी हुई परियोजनाओं को रफ्तार मिली है।

यमुना सिटी भविष्य में उत्तर प्रदेश का सबसे हाईटके और आधुनिक शहर होगा। क्षेत्र में सुनियोजित तरकी से औद्योगिक सेक्टर और रिहायासी कॉलोनी बसाई जा रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिनटेक सिटी, औद्योगिक कलस्टर पार्क सहित कई ऐसी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले वर्षों में यमुना सिटी को वर्ल्ड मैप पर इंटरनेशनल सिटी के रूप में स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। शहर की सुंदरता बिगाड़ने और विकास कार्यों की रफ्तार रोकने का काम भू-माफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनी बसाकर किया जाता है। यमुना सिटी में इस तरह की समस्या ना रहे इसको लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। जहां भी अवैध कब्जा, अतिक्रमण और अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास होता है। तत्काल ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाती है। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह की प्लानिंग और सख्ती का असर है कि विगत 3 वर्षों में यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 500 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 1867 करोड़ है। अवैध निर्माण के मामले में जहां 1740 लोगों को नोटिस भेजा गया, वहीं 138 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।

अतिक्रमण की वजह से यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और औद्योगिक सेक्टरों में डेवलपमेंट वर्क में रुकावट आ रही थी, लेकिन कार्रवाई के बाद इन सभी व्यवधानों को दूर कर लिया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से जेवर तक 60 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का काम रूका हुआ है। दयानतपुर व दनकौर समेत लगभग आधा दर्जन स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या थी। एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के आसपास, बुलंदशहर के झाझर, इनायतपुर, अलीगढ़ के टप्पल, डोरपुरी, खंडेहा, सिमरौठी, दनकौर, जेवर बांगर, मथुरा के पॉनीगांव बांगर, मिरताना आदि स्थानों पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। इससे यमुना सिटी के सेक्टरों में सड़क, सीवर आदि काम प्रभावित हो रहा था। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ हुए इन कार्रवाईओं से बाधाओं को दूर कर जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू होंगे। जिस तरह भूमाफियाओं की नजर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन पर रहती है उसी प्रकार यीडा के अधिकारियों की नजर इन माफियाओं की गतिविधियों पर रहती है। जहां भी अतिक्रमण या अवैध कार्रवाई की गतिविधियां होती है वहां प्राधिकरण बुलडोजर काम पर लग जाता है। यमुना प्राधिकरण की सख्ती से अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर काफी हद तक अंकुश लगा है।
















