यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बनाया 1 वर्ष में 100 से अधिक ओंको-प्लास्टिक सर्जरीज विथ फ्लैप रीकंस्ट्रक्शन का नया रिकॉर्ड

 

-कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी का बेहतर इलाज के साथ जड़ से होगा खात्मा

गाजियाबाद। 2019 में स्थापित और संजय नगर में स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टिट्यूट अपनी हाई-एन्ड टेक्नोलॉजी और पूर्व भारतीय सेना के कैंसर डॉक्टरों का सही मिश्रण प्रदान करते हुए मंगलवार को दिल्ली एनसीआर के सबसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में से एक बन गया है। यहां एक छत के नीचे अत्यधिक सस्ती कीमतों पर रोगियों की सभी कैंसर जरूरतें पूरी होती हैं।
मंगलवार को नेहरू नगर यशोदा अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, दिल्ली एनसीआर के समूह निदेशक डॉ रजत अरोड़ा ने बताया कि पहले की तुलना में आज हमारे देश में कैंसर जैसी लाइलाज लगने वाली बीमारी का बहुत बेहतर इलाज होने लगा है, जो न सिर्फ टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड है बल्कि कैंसर को जड़ से खत्म करने में भी सक्षम है। इतना ही नहीं, देश के हर कोने से जिन लोगों को पहले इलाज के लिए जाना पड़ता था। आज वहीं इलाज गाजियाबाद में भी संभव हो गया है। यशोदा अस्पताल के माध्यम स्वरूप में अति किफायती दामों पर मिल रहा है।

अपने इन्ही प्रयासों को और आगे ले जाते हुए, यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टिट्यूट, संजय नगर, गाजियाबाद ने पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक ओंको-प्लास्टिक सर्जरीज विथ फ्लैप रीकंस्ट्रक्शन का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। जो की दिल्ली एनसीआर के सभी कैंसर अस्पतालों की तुलना में अधिकतम है। पूर्व हेड ऑफ डिपार्टमेंट, प्लास्टिक सर्जरी, आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) एवं प्रोफेसर, प्लास्टिक सर्जरी, डॉ (कर्नल) मुहम्मद आलम परवाज, जो की वर्तमान में यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट में प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग के डायरेक्टर हैं, के निर्देशन में यशोदा ने ये उपलब्धि प्राप्त की है। प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड कॉस्मेटिक सर्जरी टीम में 2 प्लास्टिक सर्जन्स, डॉ (कर्नल ) मुहम्मद आलम परवाज और शिवम डंग एवं डॉ (मेजर जनरल) नवदीप सेठी द्वारा निर्देशित एनेस्थीसिया की टीम सहित एक पीडियाट्रिक एनेस्थेटिस्ट भी शामिल है। इतना ही नहीं, यहाँ प्लास्टिक सर्जरी का पूरा स्पेक्ट्रम एक ही छत के नीचे किया जाता है जिसमें कैंसर पुनर्निर्माण सर्जरी, सौंदर्य व कॉस्मेटिक सर्जरी, चेहरे और हाथ की आघात सर्जरी, हड्डी की चोट, जन्म विकृति और तंत्रिका सर्जरी पर जोर दिया जाता है। हर महीने 30-40 सर्जरी की जाती हैं, जिनमें लंबी सर्जरीज 8-10 घंटे तक चलती हैं।

टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई से ट्रेंड एवं पूर्व भारतीय सेना के कैंसर सर्जन, डॉ (ब्रिगेडियर) अरविन्द कुमार त्यागी, डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं कंसलटेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ आदर्श कुमार द्वारा की गयीं कैंसर सर्जरीज पर प्लास्टिक सर्जरी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान देते हुए हाइली सक्सेसफुल ओंको-रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरीज को पूर्ण किया। इस टीम में पूर्व भारतीय सेना के डॉक्टर, डॉ. (ब्रिगेडियर) अजय मलिक, हेड ऑफ डिपार्टमेंट, पैथोलॉजी और ओंको पैथोलॉजी भी शामिल थे। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष डॉ दिनेश अरोड़ा द्वारा इस कैंसर हॉस्पिटल को बनाने के पीछे एक महत्त्वपूर्ण मकसद यह भी था कि कैंसर से पीडि़त मरीजों को रोजाना दिल्ली की ओर चक्कर न लगाना पड़े जिस वजह से वे संपूर्ण कैंसर चिकित्सा प्राप्त करने से वंछित रह जाते थे। आज कैंसर की संपूर्ण चिकित्सा प्रदान करने में यशोदा अस्पताल, संजय नगर पूर्णत: सफल रहा है। विश्वस्तरीय चिकित्सकों की टीम के संरक्षण में अत्याधुनिक मशीनरी के द्वारा दिल्ली से आधे दरों में यहां कैंसर की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जा रही है।

हाई-एन्ड टेक्नोलॉजी की ओर निरंतर अग्रसर यशोदा अस्पताल, संजय नगर में रोबोटिक तकनीक द्वारा कैंसर सर्जरी भी होती है। प्रॉस्टेटेक्टोमी से लेकर नेफ्रेक्टोमी त, रोबोट द्वारा कैंसर सर्जरी से न केवल काम ब्लड लॉस होता है बल्कि इसका रिकवरी रेट भी बहुत बेहतरीन है। अति किफायती दामों पर उपलब्ध ये तकनीक यशोदा द्वारा मरीजों को उत्तम इलाज प्रदान करने की एक और सफल प्रयास है। डॉ रजत अरोड़ा का कहना है हम अपने इसी सपने को आगे बढ़ाते हुए लोगों को श्रेष्ठतम तकनीक, इलाज और वर्ल्ड क्लास डॉक्टर्स प्रदान करते रहेंगे। यशोदा, संजय नगर, गाजिय़ाबाद एक्सपेंशन फेज में चल रहा है – कोशिश यही है कि लोगों को गाजिय़ाबाद में सर्वोत्तम इलाज मिले और ये एक्सपेंशन उसी दिशा की ओर हमारी एक मुख्य पहल है।