शराब माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: आबकारी विभाग की टीम ने जिले में लगाया कड़ा पहरा

-बिहार चुनाव और त्योहारों से पहले आबकारी विभाग ने किया अवैध शराब पर सख्त नियंत्रण

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में अवैध शराब के कारोबार को रोकने और बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आबकारी विभाग की टीम ने सक्रिय अभियान शुरू कर दिया है। जिले के आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने शराब माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपनी रणनीति को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है। उन्होंने जिले के राजमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग और टोल पर चौकसी बढ़ाते हुए 24 घंटे की पहरा व्यवस्था लागू की है, जिससे कोई भी शराब माफिया बिना पकड़े जिले में प्रवेश न कर सके और न ही अवैध शराब बाहर ले जा सके। जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, संजय चन्द्र और अभिनव शाही अपने-अपने क्षेत्रों में चेकिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। ये अधिकारी लाइसेंसी शराब की दुकानों का निरीक्षण करने के साथ ही गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग भी कर रहे हैं, ताकि किसी भी दुकानदार द्वारा अवैध शराब की बिक्री और वसूली को रोका जा सके।

आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में शराब माफिया हर साल बिहार चुनाव के समय बाहरी राज्यों से अवैध शराब भेजने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार उनकी हर चाल को बेनकाब किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमने जिले में ऐसे जाल बिछाए हैं कि कोई भी शराब माफिया जिले की सीमा में प्रवेश न कर सके। अगर कोई वाहन अवैध शराब के साथ पकड़ा जाता है, तो वाहन और शराब दोनों को सीज किया जाएगा और दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह अभियान चुनाव और त्योहारों दोनों के मद्देनजर चलाया जा रहा है।
पिछली रात लोहारली टोल पर आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय और जीएसटी टीम ने वाहन चालकों की संघन चेकिंग की। उन्होंने वाहन चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बाहरी राज्यों की शराब को ले जाना अपराध है और इसका पालन न करने वाले सीधे जेल भेजे जाएंगे।

इस दौरान कई वाहनों की जांच की गई और कुछ संदिग्ध वाहनों को रोका गया। जिले में चल रही इस कार्रवाई के तहत न केवल बड़े शराब माफिया बल्कि छोटे पैमाने पर अवैध व्यापार करने वाले विक्रेताओं पर भी नजर रखी जा रही है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि टीम दिन-रात सक्रिय है और किसी को भी कानून की परवाह किए बिना अवैध शराब की बिक्री करने नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी त्योहार और चुनाव को देखते हुए अभियान को और कड़ा किया गया है, ताकि जिले में शांति और सुरक्षा बनी रहे। सूत्रों के अनुसार, जिले की आबकारी टीम और जीएसटी टीम मिलकर रात में गुप्त रूप से निगरानी कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य केवल अवैध शराब की बिक्री रोकना नहीं बल्कि आम जनता और युवाओं को शराब से होने वाले खतरों से भी अवगत कराना है।

अधिकारी लगातार व्यापारियों, वाहन चालकों और आम जनता को चेतावनी दे रहे हैं कि अवैध शराब का सेवन और वितरण अपराध है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का असर पहले ही दिखाई देने लगा है। जिले में अवैध शराब की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है और शराब माफिया अपनी गतिविधियों को छुपाने पर मजबूर हैं। अधिकारी लगातार क्षेत्रीय चेकपोस्ट पर निगरानी कर रहे हैं और अवैध शराब की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारी के निर्देशों के अनुसार, हर टीम को जिले के प्रमुख मार्गों और टोल प्लाजा पर लगातार गश्त लगाने के साथ-साथ छोटे रास्तों और बाजारों की भी निगरानी करनी है। इसके अलावा, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि अवैध शराब का कोई भी कारोबार जिले में सफल न हो।

आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने जनता और मीडिया से अपील की कि वे अवैध शराब के मामलों की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल दंडित करना नहीं है, बल्कि शराब माफिया के जाल को तोडऩा और समाज को सुरक्षित बनाना है। आम लोग भी इस अभियान में सहयोग करें तो अवैध शराब की समस्या को हम पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। जिला आबकारी अधिकारी के इस सक्रिय अभियान से जिले में कानून और व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब माफिया के खिलाफ यह अभियान चुनाव और त्योहारों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। उनका मानना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं होने दिया जाएगा।

यह अभियान आगामी दिनों में और भी सख्त होगा। जिले की आबकारी टीम और जीएसटी टीम मिलकर लगातार वाहनों, दुकानों और अन्य संभावित स्रोतों की निगरानी कर रही है। अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को छूट नहीं दी जाएगी और अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। इस प्रकार, आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम का यह अभियान जिले में शराब माफिया के खिलाफ निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है। उनके सतत प्रयासों और रणनीति के चलते जिले में अवैध शराब का कारोबार अब तेजी से घट रहा है और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव और त्योहारों के समय जनता सुरक्षित रह पाएगी।