महायोजना-2031 के मास्टर प्लान पर आई 73 आपत्ति

-प्लान को लेकर आई आपत्तियों-सुझाव पर हुई सुनवाई

गाजियाबाद। महायोजना-2031 के मास्टर प्लान में ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (टीओडी) जोन्स में मिश्रित भू-उपयोग का प्रस्ताव किए जाने को लेकर 26 अक्टूबर तक कुल 73 आपत्ति दर्ज की गई थी।
शुक्रवार को जीडीए सभागार में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में टाउन प्लानर राजीव रतन शाह, अरविंद कुमार आदि की मौजूदगी में गठित समिति ने मास्टर प्लान को लेकर आई आपत्तियों एवं सुझावों पर सुनवाई की। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि महायोजना-2031 के तहत गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर योजना के प्रारूप को भाग क,ख,ग के रूप में संयोजित करने एवं टीओडी जोन्स में मिश्रित भू-उपयोग का प्रस्ताव किए जाने के उपरांत संशोधित महायोजना के लिए जीडीए द्वारा 12 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक आमजन से मांगी गई आपत्ति एवं सुझाव कुल 73 आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त हुए।

जीडीए सचिव ने बताया कि शुक्रवार को जीडीए सभागार में प्राप्त हुई आपत्ति एवं सुझावों की सुनवाई के लिए गठित समिति द्वारा सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान लगभग 90 प्रतिशत यानि कि 67 आपत्तिकर्ता, सुझावदाता उपस्थित हुए। आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ताओं ने मुख्य रूप से नॉन कन्फर्मिंग जोन के भू-उपयोग को अर्बन लैंडयूज में दर्शाएं जाने और शहर के पुराने क्षेत्रों और मार्गां व जीडीए की योजनाओं में बाजार, स्ट्रीट आदि के प्रस्ताव दिए जाने का सुझाव दिए। इसके साथ ही मार्गों पर प्रस्तावित ग्रीन बैल्ट को समाप्त किए जाने और कई क्षेत्रों को टीओडी जोन में शामिल किए जाने आदि सुझाव दिए गए। बैठक में दी गई आपत्ति एवं सुझावों पर समिति द्वारा नियमानुसार निर्णय लेते हुए इसे शामिल करने पर निर्णय लिया जाएगा।

बता दें कि देश की पहली नमो भारत ट्रेन के दुहाई स्टेशन और दुहाई डिपो के निर्धारित क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी लागू करने के लिए कुल 73 आपत्ति व सुझाए आए हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा मांगी गई आपत्ति और सुझाव में लोगों ने नमो भारत ट्रेन के दुहाई स्टेशन और दुहाई डिपो के तय क्षेत्र में टीओडी पॉलिसी लागू होने की जानकारी पूछी है। इन आपत्तियों का अब जीडीए अगले हफ्ते तक निस्तारण करेगा। गाजियाबाद का पहली बार जियोग्राफिक इंफोरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित केंद्रीयकृत मास्टर प्लान-2031 तैयार कराया है। इसमें गाजियाबाद-डासना,लोनी और मोदीनगर-मुरादनगर का ड्राफ्ट बनाया गया। इसमें मोदीनगर के ड्राफ्ट को जीडीए की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है। जबकि गाजियाबाद और लोनी के ड्राफ्ट में संशोधत किया जा रहा है।

जीडीए ने पिछले दिनों गाजियाबाद के ड्राफ्ट में नमो भारत ट्रेन के दुहाई स्टेशन और दुहाई डिपो के तय क्षेत्र में टीओडी पॉलिसी लागू की थी। इसके बाद लोगों से इस पर आपत्ति और सुझाव मांगे गए। जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि गाजियाबाद के मास्टर प्लान-2031 के ड्राफ्ट पर कुल 73 आपत्ति व सुझावों आए हैं। इन आपत्तियों एवं सुझाव पर सुनवाई हुई। कमेटी के समक्ष दी गई आपत्तियों और सुझाव का अब समिति द्वारा निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद इन्हें फाइनल ड्रॉफ्ट में शामिल किया जाएगा। फिलहाल नॉन कन्फॉर्मिंग जोन का सर्वे चल रहा है। इससे पहले ही मास्टर प्लान-2031 तैयार हो जाएगा। मास्टर प्लान-2031 लागू होने के बाद गाजियाबाद,डासना,मुरादनगर,मोदीनगर और लोनी क्षेत्र में करीब 130 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग परिवर्तित कर उसे विकसित किया जाएगा।