-समाज की अदम्य शक्ति हैं दिव्यांगजन, मुख्य धारा से जोड़कर दिलायेंगे सम्मान: नरेन्द्र कश्यप
लखनऊ/गाजियाबाद। कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं जो व्यक्तिगत रुचि लेकर समाज के निर्बल वर्ग व असहाय लोगों की मदद करने में सदैव आगे रहते हैं। ऐसे ही अधिकारी के रूप में गाजियाबाद की अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाने का न केवल कार्य कर रही हैं बल्कि दिव्यांगजनों के बीच अपनत्व का भाव भी पैदा करने का काम कर रही हैं। जिसके लिए शनिवार को विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की ओर से उन्हें लखनऊ में पुरस्कृत किया गया। यह एक बड़ी उपलब्धि है जो गाजियाबाद जनपद के नाम जुड़ी है और जनपद का नाम पूरे प्रदेश और देश में रोशन हुआ है। दिव्यांगजनों के कल्याण और उनके सशक्तिकरण व पुनर्वास के गठित समिति द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद जनपद को पहले नंबर पर घोषित किया गया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह डाक्टर शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास ने जनपद गाजियाबाद में दिव्यांगजन को सशक्त एवं बाधामुक्त वातावरण प्रदान व उनको आत्मविश्वास भाव सृजन के लिए समावेशी लोकतंत्र की ओर प्रेरित किया तथा कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें समानता एवं गर्व का अनुभव हो, ऐसे सुंदर प्रयास किए कि सभी जनपदवासियों ने उनके इन कार्यों की खूब प्रशंसा की। गत विधानसभा चुनाव के दौरान एडीएम प्रशासन द्वारा जनसहयोग के माध्यम से 60 दिव्यांग बूथ बनाए गए। जिन पर दिव्यांगजनों ने मतदान किया। मतदान करने के बाद सभी दिव्यांजनों को बूथ पर ही सम्मानित किया गया। जनपद के सभी बूथ बाधामुक्त बनाए गए। जनपद में दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में मतदान पर्ची बनवाने का काम किया गया, लेखपालों के माध्यम से ऐसी मतदाता पर्चियों को दिव्यांगजनों को वितरित कराया गया।
यह एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास का ही प्रयास था कि जिले में 12375 दिव्यांग मतदाता बनाए गए। दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के लिए 26 जनवरी 2022 को उनके साथ झांकी निकाली गई। वेबिनार और टॉक शो का आयोजन किया गया। दिव्यांजनों के लिए पोस्टल बैलेट की भी सुविधा दिलाई गई। गत विधानसभा चुनाव में 823 दिव्यांगों द्वारा पोस्टल बैलेट से घर बैठे ही मतदान किया गया। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मित्र बनाए गए, यू ट्यूब वीडियो के माध्यम से संदेश व अधिकारियों के नंबर जारी किए गए और दिव्यांग कांवडिय़ों का जिले में भव्य स्वागत किया गया। दिव्यांगजन कांवडिय़ों की सुविधा के लिए रैंपयुक्त मोबाइल टायलेट जगह-जगह लगाए। राज्यमंत्री नरेंन्द्र कश्यप ने कहा दिव्यांगता विशेष रुप से भारत जैसे विकासशील देश में एक गंभीर चुनौती है। मुख्यमंत्री दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए दृढ संकल्पित है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाएं सुलभ व सुचारु से कार्य कर रही है।
















