गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कुछ दिन पहले कोर्ट परिसर में तेंदुए ने अपना जिस तरह से आंतक मचाया था। उस दहशत से लोग आज भी उभर नहीं पाए थे कि एक बार फिर से मोदीनगर के भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव त्योढ़ी और भदौला में तेंदुए दिखाई देने से दहशत का माहौल है। हालांकि कोर्ट परिसर मिले तेंदुए को वन विभाग की टीम ने शिवालिक के जंगल में छोड़ दिया। गांव त्योढ़ी में खेत में पानी लगाने गए थे। तभी किसान पर तेंदुआ ने हमले का प्रयास किया, किसान ने भागकर पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। तेंदुए की खबर से वन विभाग ने दोनों गांवों में सर्च अभियान चलाया।
गांव त्योढ़ी निवासी सुरेन्द्र सिंह परिवार सहित रहते हैं। देर रात वह खेत में पानी लगाने गए थे। रात करीब आठ बजे के आसपास अचानक उन्हें पहले तेंदुआ की आवाज सुनाई दी। आवाज सुन खेत की मेढ़ पर बैठे किसान सुरेन्द्र सिंह जैसे ही खडे हुए तो तेंदुआ दिखाई दिया। जैसे ही तेंदुआ किसान की ओर बढ़ा तो तेंदुआ की ओर फावड़ा फेंक कर पेड़ पर चढ़ गया। जिसके बाद तेंदुआ आगे निकल गया। तेंदुआ के जाने के एक घंटे बाद सुरेन्द्र सिंह किसी तरह अपने घर पहुंचे और परिजनों को आपबीती सुनाई। जंगल में तेंदुआ की खबर से गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह जब लोग खेत में चारा लेने गए तो उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया। इसके बाद से लोग दहशत में है। 17 जनवरी को दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर गांव कलछीना के पास तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर तेंदुआ की मौत हो गई थी।

प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी मनीष सिंह का कहना है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर मरने वाला तेंदुआ भी नर था। जबकि कचहरी से पकड़़ा गया तेंदुआ भी नर था। ऐसे में संभावना है कि कोई मादा तेंदुआ बीडिंग के बाद गन्ने के खेतों में छिपकर रह रहा हो। तेंदुआ एक रात में 30 से 40 किलोमीटर तक का सफर तय करता है। यह कहना मुश्किल है कि तेंदुआ पहाड़ी इलाकों से यहां नहीं आया है। भोजपुर क्षेत्र के गांव त्योड़ी के जंगल में 10 फरवरी की रात में खेत में काम कर रहे किसान सुरेंद्र को तेंदुआ दिखा था। सुरेंद्र ने भागकर गांव में इसकी खबर दी। लेकिन दहशत में उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए मोदीनगर स्थित सीएचसी ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
त्योड़ी गांव के लोग अभी इस दहशत से निकले भी नहीं थे कि गांव भदोला में भी शनिवार की सुबह तेंदुए को देखा गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकडऩे के लिए अब डेरा डाल दिया है। दिन और रात में दो टीमें बारी-बारी से सर्च अभियान चलाकर उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के माध्यम से वार्ड और गांव समितियों से संपर्क करके तेंदुए को पकडऩे के लिए मदद लेने की तैयारी कर रही है। वन विभाग की टीमें तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए एल्ट सेंटर और इंग्राहम के जंगल में भी कांबिंग अभियान चलाएगा।
















