अटेवा ने 1 अप्रैल को मनाया काला दिवस, एनपीएस और यूपीएस के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा एवं एनएमओपीएस के राष्ट्रीय और प्रदेशीय आवाहन पर जनपद गाजियाबाद में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों ने 1 अप्रैल को काला दिवस (ब्लैक डे) के रूप में मनाया। विरोध स्वरूप सभी विभागों के कर्मचारियों और शिक्षकों ने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया और केंद्र सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) तथा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने कहा कि जहां 1 अप्रैल 2025 से केंद्र सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू कर रही है, वहीं 20 वर्ष पूर्व 1 अप्रैल 2005 को प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन को समाप्त कर एनपीएस को लागू किया था।

अब सरकार को यदि 20 वर्षों बाद एक नई पेंशन व्यवस्था (यूपीएस) लानी पड़ रही है, तो यह इस बात का प्रमाण है कि एनपीएस पूरी तरह असफल रही है। अटेवा और एनएमओपीएस की ओर से सरकार से मांग की गई कि पैरामिलिट्री फोर्स, पुलिस फोर्स और सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन (ओपीएस) को पुन: लागू किया जाए। यदि सरकार एनपीएस और यूपीएस को समाप्त नहीं करती है, तो कर्मचारियों को यह अधिकार दिया जाए कि वे अपने लिए एनपीएस, यूपीएस या ओपीएस में से कोई भी विकल्प चुन सकें। अटेवा ने घोषणा की कि 1 मई 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जहां केंद्र सरकार को एनपीएस और यूपीएस के खिलाफ चेतावनी दी जाएगी और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से रखा जाएगा।

इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अटेवा जिला अध्यक्ष गाजियाबाद मनीष शर्मा, महामंत्री राम शेष वर्मा, महानगर अध्यक्ष अमित त्यागी, जिला संगठन मंत्री दीपक कुमार, जिला संयुक्त मंत्री संतोष यादव, प्रमुख सलाहकार गोविंद सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसपी सिंह, जिला संगठन मंत्री सतेंद्र सिंह, महानगर उपाध्यक्ष अमिताभ पांडे, प्रवक्ता राकेश कुमार, नीरज सिंह, जितेंद्र कुमार वर्मा, शत्रुघ्न लाल, मनोज यादव, राकेश कुमार, प्रमोद बंसल, योगेंद्र मौर्य, ओम प्रकाश पटेल, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष आरती वर्मा और नरेंद्र शर्मा (जिलाध्यक्ष डीपीए गाजियाबाद) समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।