-पंजाबी समाज को जो पार्टी देगी मान-सम्मान और टिकट, उसी का करेंगे समर्थन: देसराज देसी
गाजियाबाद। पंजाबी महासभा की ओर से सत्ता में भागीदारी की मांग को लेकर अभियान तेज कर दिया है।
आजादी के बाद से लेकर आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने पंजाबी समाज को उचित प्रतिनिधित्व एवम सम्मान नहीं दिया। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को पंजाबी समाज ने आंखें दिखाना शुरू कर दिया है। गुरूवार को नवयुग मार्किट में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठतम संरक्षक जगदीश साधना ने कहा पंजाबी समाज को उचित स्थान न मिलने के चलते व्यथित होकर समाज को जागरूक एवम एकजुट करने के लिए पंजाबी महासभा का गठन किया गया है। जबकि पंजाबी समाज के कार्यकर्ताओं ने लगातार पार्टी की प्रतिष्ठा को चार चांद लगाया है। संस्था के साथ पंजाबी समाज के सभी प्रबुद्ध एवम स्थापित समाज सेवी लगातार जुड़ रहे हैं तथा पंजाबी समाज को आगे बढ़ाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी प्रदान कर रहे हैं।
पंजाबी महासभा के अध्यक्ष देसराज देसी ने कहा कि गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र में चार लाख सत्तर हजार वोटर्स है। इनमें से लाइनपार क्षेत्र में तीन लाख और शहरी क्षेत्र में डेढ़ लाख वोटर्स है। उन्होंने कहा कि जिस समाज को बार-बार टिकट दिया जाता है और जो यह दावा करता है कि यहां उनकी आबादी सबसे ज्यादा है, उससे ज्यादा वोटर्स पंजाबी समाज के है।
आगामी विधानसभा चुनाव में जो पार्टी पंजाबी समाज को मान-सम्मान और टिकट देगी, उसी पार्टी को समर्थन दिय जाएगा। वरिष्ठ संरक्षक महेश आहूजा ने कहा कि पंजाबी समाज ने आजादी के समय बंटवारे की विभीषिका को सबसे अधिक झेला अपना सब कुछ गंवाने के बाद खूद को पुनर्स्थापित किया राष्ट्र हित को सर्वोपरि मानता है। अपना सम्पूर्ण न्योछावर किया, किंतु बदले में पंजाबी समाज को उचित सम्मान नहीं मिला, हम प्रदेश सरकार से मांग करते है कि गाजियाबाद का नाम हिंदू धर्म के सबसे बड़े रक्षक सिख धर्म के दसवें गुरु महाराज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी अथवा महान स्वतंत्रता सेनानी पूज्य दुर्गा भाभी जी के नाम पर किया जाए। संस्था के संरक्षक सुभाष छाबड़ा ने देश में पंजाबी समाज की दशा को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के सौहार्द एवम प्रगति में पंजाबी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। किंतु पंजाबी समाज को आज भी दोयम दर्जे का समझा जाता है।
गुलशन भांबरी ने कहा कि पंजाबी समाज से सरदार तेजा सिंह तीन बार विधायक बने। वे बेहद सरल थे। विधायक बनने के बाद भी साइकिल से चला करते थे। इसके बाद पंजाबी समाज को हाशिए पर डाल दिया गया। पंजाबी समाज देश का सबसे मेहनती एवम देशभक्त समाज है। जिसने आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ खो कर भी कभी कोई हिंसात्मक आन्दोलन नहीं किया, अपने दम पर राष्ट्र एवम समाज सेवा में सदा बढ चढ कर अपना योगदान दिया। महामंत्री सतीश चौपड़ा ने कहा कि पंजाबी महासभा के नेतृत्व में पंजाबी समाज एकजुट एवम जागरूक हो रहा है। जिससे आने वाले सभी चुनावों में पंजाबी समाज आपस में चर्चा एवम मंथन कर एक राय बना कर अपने सिद्धांतों की कसौटी पर जांच परख कर एकजुट होकर ही मतदान करेगा। इस दौरान जोगेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहें।
















