ढाई लाख नागरिकों को मिलेगा आरओबी का लाभ
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम योजना को दिल्ली-मेरठ हाइवे से सीधे जोडऩे हेतु रेलवे ट्रैक के ऊपर आरओबी का काम यूपी सेतु निर्माण निगम ने तेज कर दिया है। रेलवे लाइन से ऊपर 11 मीटर ऊंचाई में आरओबी का निर्माण किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा का कहना है कि आरओबी का निर्माण होने के बाद इससे नागरिकों को लाभ मिलेगा। वहीं, दिल्ली-मेरठ हाइवे से सीधे मधुबन-बापूधाम योजना के लिए कनेक्टिविटी भी हो जाएगी। जीडीए इस आरओबी का निर्माण शुरू करने से पहले रेलवे बोर्ड को 3 करोड़ रुपए पहली किश्त के रूप मेंं दे चुका है। जीडीए, सेतु निर्माण निगम और रेलवे के अधिकारियों ने आरओबी के निर्माण को लेकर मौके पर जाकर निर्माण का तकनीकी रूप में चिन्हित किया। वहीं, सेतु निर्माण निगम को एक करोड़ रुपए की किश्त दिए जाने के बाद अब दूसरी किश्त के रूप में जीडीए जल्द पैसा देगा। रेलवे अधिकारियों ने अपने हिस्से का काम तय समय सीमा में पूरा करने की बात कही हैं। जीडीए द्वारा मधुबन-बापूधाम में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम से आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। सेतु निगम के प्रोजेक्ट प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरओबी की निर्माण लागत बढऩे के बाद अब 71 करोड़ रुपए हो गई है। सेतु निगम इसका 44 करोड़ रुपए में निर्माण करेगा। जबकि रेलवे को 27 करोड़ रुपए समेत 71 करोड़ रुपए जीडीए का इस आरओबी पर खर्च होगा। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि सेतु निर्माण निगम ने आरओबी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। दिल्ली-मेरठ हाइवे और एनएच-9 को जोडऩे के लिए कनेक्टिविटी के मुख्य बिंदु मधुबन-बापूधाम आरओबी का निर्माण होना है। 
यह आरओबी रेलवे ट्रैक से 11 मीटर ऊंचाई में निर्माण किया जाएगा। जबकि 6 लेन चौड़ा और करीब 750 मीटर लंबे आरओबी का निर्माण होगा। जीडीए की ओर से अवस्थापना निधि से आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। सेतु निर्माण निगम और रेलवे द्वारा इसका निर्माण पूरा किया जाएगा। रेलवे को 27 करोड़ रुपए में पहली किश्त के रूप में 3 करोड़ रुपए की धनराशि रिलीज कर दी गई है। वहीं, सेतु निर्माण निगम को भी जल्द ही एक करोड़ रुपए की धनराशि दी जाएगी। मधुबन-बापूधाम योजना की दिल्ली-मेरठ रोड से आरओबी का निर्माण होने के बाद सीधी कनेक्टिविटी हो सकेगी। आरओबी निर्माण संबंधी अधिकांश तकनीकी जानकारियां रेलवे को मुहैया करा दी गई हैं। ऐसे में सेतु निर्माण निगम के साथ रेलवे की ओर से आरओबी पर अब जल्द निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आरओबी की ऊंचाई 11 मीटर तय होने के बाद अब इसके कामन पिलर डालने के लिए साइट पर स्थल फाइनल कर दिया गया। कामन पिलर रेलवे और सेतु निर्माण निगम को डालने हैं। आरओबी के दोनों साइड में तीन-तीन मीटर चौड़ी सडक़ का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरापुरम आने पर इस आरओबी का शिलान्यास किया जा चुका है। आरओबी का निर्माण अगले साल दिसंबर-2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरओबी का निर्माण होने के बाद लगभग 2.50 लाख लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
















