उपचुनाव: कलेक्ट्रेट में आज से होंगे कड़ी सुरक्षा में प्रत्याशी के नामांकन

गाजियाबाद। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आज यानि कि शुक्रवार से कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक एडीएम सिटी गंभीर सिंह की कोर्ट कक्ष संख्या-127 में दाखिल होंगे। नामांकन दाखिल होने के चलते बैरिकेड लगा दिए गए हैं,ताकि प्रत्याशी सीधे नामांकन स्थल तक पहुंच सकें। जिला मुख्यालय में आने वाले लोगों को एडीएम सिटी कोर्ट की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी। उपचुनावों के नामांकन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ.संतोष कुमार उपाध्याय होंगे। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) मशीन के अलावा सुरक्षा जांच के बाद ही प्रत्याशी और प्रस्तावक को नामांकन कक्ष में जाने दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहेंगी। 25 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। जबकि 28 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और नाम वापसी का अंतिम दिन 30 अक्टूबर होगा। इस दिन निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित किए जाएंगे। नामांकन फार्म नि:शुल्क होगा, लेकिन उसे जमा कराते समय जमानत राशि जमा करानी होगी। सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए 10 हजार रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 5 हजार रुपए जमानत राशि होगी।

निर्दलीय प्रत्याशी के लिए 10 प्रस्तावक और पार्टी के प्रत्याशी के लिए एक प्रस्तावक का होना आवश्यक है। गाजियाबाद शहर विधानसभा के उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। गुरुवार को एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव,कविनगर थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र मलिक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर का भौतिक अवलोकन किया। नामांकन के लिए प्रत्याशी कहां से प्रवेश करेंगे और कहां से निकलेंगे। इसका जायजा लिया गया। उपचुनाव के लिए जिला मुख्यालय के सीबीआई कोर्ट के सामने वाले गेट से प्रवेश दिया जाएगा। वहां से डाकघर के पीछे कचहरी की ओर खुलने वाले गेट से कक्ष संख्या-127 के लिए प्रवेश होगा। इस तरह आम लोगों को आने की इजाजत नहीं होगी। कक्ष के दोनों तरफ भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। वहीं,शहर विधानसभा क्षेत्र में गुरूवार शाम तक लगे सभी राजनीतिक पार्टियों के होर्डिंग और बैनर हटा दिए गए। एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर की शाम को आदर्श आचार संहिता लागू होते ही इस क्षेत्र से सभी पोस्टर और बैनर हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। गुरूवार शाम तक पूरे गाजियाबाद शहर विधानसभा क्षेत्र से इस प्रकार की प्रचार सामग्री को हटा दिया गया।