जनपद में जिला आबकारी अधिकारी की चाणक्य नीति कारण

-विधान सभा चुनाव के दौरान शराब माफिया हो गए पस्त
-शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण

गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में विधान सभा चुनाव की सरगर्मी जोरों पर चल रही है। ऐसे में आबकारी विभाग भी पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। चुनावी मौसम में अवैध शराब का इस्तेमाल रोकने को आबकारी विभाग की रणनीति कारगर साबित हो रही है। शराब माफिया से निपटने के लिए जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह चाणक्य नीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाणक्य नीति के जरिए वह शराब माफिया के सुनियोजित प्लान और रणनीति को नेस्तनाबूद करने में सफल हो रहे हैं। आबकारी अधिकारी ने अब तक जिस प्रकार के नए प्रयोग किए हैं, उससे अवैध शराब का निर्माण, बिक्री एवं परिवहन को रोकने में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। विधान सभा चुनाव में शराब माफिया की कमर तोडऩे के लिए आबकारी विभाग द्वारा ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई है। पिछले काफी समय से विभाग हिंडन खादर क्षेत्र में निरंतर कार्रवाई कर रहा है। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। इनपुट के आधार पर आबकारी विभाग एवं पुलिस की टीम रात के समय संबंधित क्षेत्रों की ड्रोन कैमरे से रेकी करती हैं। शराब माफिया पर नजर रखें जाने के साथ विभाग की टीम पुलिस के साथ निरंतर छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। जनपद में शराब माफिया से निपटने के लिए जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह की चाणक्य नीति बेहद सफल साबित हो रही है। शराब माफिया पर शिकंजा कसने के साथ-साथ वह लाइसेंसशुदा शराब विक्रेताओं को भी समय-समय पर नियम-कानून का पाठ पढ़ाते रहते हैं। शराब माफिया से निपटने के लिए गाजियाबाद में जिस प्रकार के प्रयोग पिछले कुछ समय में किए गए हैं, वह पहले कभी देखने को नहीं मिले। विभाग ने कुछ दिन पहले मेरठ रोड पर छापा मारकर कस्टम बांडेड वेयर हाउस से अवैध मदिरा की बिक्री का खुलासा किया गया था। वहां से कई करोड़ रूपए की शराब बरामद की गई थी। इस कार्रवाई को बीच में रोकने के लिए विभाग पर काफी दबाव भी पड़ा था, मगर जिला आबकारी अधिकारी ने किसी प्रकार के दबाव को मानने की बजाए नियमानुसार कार्रवाई पर न सिर्फ ध्यान दिया बल्कि प्रभावी कदम भी उठाए। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह की चाणक्य नीति से उत्तर प्रदेश शासन को भी भरपूर लाभ मिल रहा है। शासन को राजस्व उपलब्ध कराने में गाजियाबाद काफी आगे निकल रहा है। इसके चलते आबकारी विभाग के कार्यों की प्रशंसा आबकारी आयुक्त के साथ-साथ जिलाधिकारी भी कर चुके हैं। राकेश कुमार सिंह की कार्यप्रणाली सबसे जुदा है। वह प्रत्येक जिम्मेदारी को बखूवी ढंग से निभाने में यकीन रखते हैं। गाजियाबाद में नियुक्ति के बाद से वह नई-नई रणनीति अपनाते रहे हैं। इसका लाभ राजस्व बढ़ोत्तरी में भी हो रहा है। गाजियाबाद आबकारी विभाग द्वारा शासन को प्रतिमाह मोटे राजस्व की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। शराब की अवैध रूप से बिक्री एवं तस्करी रोकने के लिए जिले में आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार अभियान चलाया गया। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया रविवार को आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, आशीष कुमार पाण्डेय, रमा शंकर सिंह, अखिलेश कुमार वर्मा, अरूण कुमार, त्रिभुवन हयांकी समेत सीओ एवं पुलिस टीमों द्वारा संयुक्त रूप से जिले में मॉडल शॉप, अंग्रेजी, देशी शराब की दुकानों, बीयर की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर शराब का स्टॉक चेक किया। चेकिंग के दौरान सभी मॉडल शॉप, शराब की दुकानों एवं बीयर की दुकानों पर स्टॉक सही मिला।
दुकानों पर अनियमितता नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि स्टॉक का सत्यापन करने के बाद शराब दुकानदारों को नियमानुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए। जिले में संचालित मॉडल शॉप,देशी,विदेशी शराब एवं बीयर की दुकानों पर बाहर की शराब की अवैध रूप से बिक्री करने एवं तस्करी की शराब मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के चलते शासन की नीतियों एवं कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। टीम वर्क से काम किए जाने के अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। टीमों द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब की बिक्री करने और तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन किया गया जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।