स्वच्छता की पाठशाला में बच्चों ने सीखा कचरे को रीसायकल करने का ज्ञान

 

-एनएसए ने छात्राओं को कचरा पृथक्करण का बताया महत्व

गाजियाबाद। नगर निगम एक तरफ जहां स्वास्थ्य प्रहरियों को शहर को स्वच्छ रखने के लिए टे्रनिंग दे रहा है। वही दुसरी ओर स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों के माध्यम से शहर को स्वच्छ रखने की तैयारी कर रहा है। जिसमें नगर निगम स्वच्छता की पाठशाला लगा रहा है। इस पाठशाला का उद्देश्य है कि बच्चों को सफाई के प्रति जागरुक करना।
मेयर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी डॉ मिथिलेश कुमार द्वारा स्कूल में प्रधानाचार्य, अध्यापिका के साथ-साथ उपस्थित सैकड़ों छात्राओं को सूखा कचरा तथा गीले कचरे का अलग-अलग करने का महत्व बताया और अपने घर में सूखा कचरा अलग और गीला कचरा अलग करने के लिए कहा गया। ताकि उक्त कचरे का इस्तेमाल नगर निगम द्वारा आसानी से किया जा सके और जो कि शहर हित के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार ने बताया कि किस प्रकार सूखे कचरे को नगर निगम द्वारा रीसायकल कर इस्तेमाल में लिया जाता है और सौंदर्यकरण में भी कचरे को रिसाइकल कर उपयोग में लिया जा रहा है। इसी प्रकार गीले कचरे का इस्तेमाल खाद बनाने के लिए किया जाता है जो कि शहर हित के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो रहा है। इस प्रकार नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल में उपस्थित होकर स्कूल के विद्यार्थियों को माध्यम बनाकर घर में ही कचरे का पृथक्करण समझाया, उसके महत्व को समझ कर सभी उपस्थित जनों ने अपने अपने घरों में सूखा कचरा तथा गीला कचरा अलग अलग रखने का प्रण लिया।

स्वास्थ्य की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कालेज सिटी जोन वार्ड- 69 लोहिया नगर में आयोजित किया गया। जिसमें उपस्थित स्कूल स्टाफ द्वारा भी कचरा पृथक्करण के महत्व को समझ कर अपने-अपने घरों में अपनी कालोनियों में कचरा पृथक्करण महत्व को आगे समझाने के लिए भी प्रण लिया। इस कड़ी को इसी प्रकार लगातार बढ़ाने के लिए सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। विद्यार्थी जीवन ऐसा जीवन जिनके माध्यम से हम एक अच्छे स्वस्थ व स्वच्छ शहर की स्थापना कर सकते है। जिसके लिए नगर निगम शहर के पांचों जोन के स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को निगम की योजना अपने अपने घर में लागू करते हुए शहर हित में कार्य करने के लिए अपील की जा रही है।