ऑन डिमांड होगा ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण

-पीएम आवास योजना को लेकर जीडीए ने बदली रणनीति

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण अब डिमांड सर्वे के बाद कराया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इस योजना में भवनों के निर्माण की संख्या कम हो गई है। जीडीए और बिल्डर 11 हजार ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण करेंगे। उप्र शासन ने पिछले साल जीडीए का 3 साल में 30 हजार फ्लैट का निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, मगर भूमि नहीं मिलने और निर्माण लागत बढने से जीडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 9,745 मकानों के निर्माण का प्रस्ताव निरस्त कर दिया है। शासन से इसकी मंजूरी मिल गई है। जीडीए ने मधुबन बापूधाम में 856 र्ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण पूरा कर लिया है। डासना, निवाड़ी, प्रताप विहार के अलावा बिल्डरों के मिलाकर 5,561 भवनों का निर्माण जारी है। जीडीए का लक्ष्य वर्ष-2018 में 1,3500 फ्लैट, वर्ष-2019 में 18 हजार और वर्ष-2020 में 4,500 मकानों का निर्माण करने का था। मगर जमीन और भवनों के निर्माण की लागत बढऩे की वजह से अब सिर्फ 11 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसमें जीडीए के अलावा बिल्डरों द्वारा इन फ्लैट का निर्माण किया जाएगा। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 हजार फ्लैट का निर्माण करने पर कई सौ करोड़ रुपए का खर्च होगा। बता दें कि योजना के तहत केंद्र सरकार 2.50 लाख और प्रदेश सरकार 1.50 लाख रुपए की सब्सिडी यानि की 4 लाख रुपए अनुदान दे रही है। बाकी आवंटी से 2 लाख रुपए लिए जाएंगे। योजना के तहत फ्लैट की कीमत बढऩे के बाद अब 6 लाख रुपए हो गई है। जीडीए द्वारा मधुबन-बापूधाम में 856 ईडब्ल्यूएस भवनों के अलावा प्रताप विहार में 1120, नूरनगर में 480, डासना में 432 और निवाड़ी में 528 भवनों का निर्माण किया जाना है। वहीं, बिल्डरों द्वारा नूरनगर में 1050, रसूलपुर में 789 और मोरटा में 946 मकान बनाए जा रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि शासन स्तर से बिल्डरों के कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ 5,337 मकानों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इनके अलावा पीएम आवास योजना के तहत निरस्त किए गए इन मकानों में कोयल एंक्लेव में 1800 ईडब्ल्यूएस, मधुबन.बापूधाम में 5100, मसूरी में 1440, प्रताप विहार में 710, बिल्डर स्टार रियलकॉन में 296, आरबी इंफ्रास्टेट में 399 मकानों का प्रस्ताव निरस्त किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब डिमांड सर्वे के बाद भवनों का निर्माण किया जाएगा। भूमि नहीं मिल पाने और निर्माण लागत अधिक होने से 20 हजार मकानों के सापेक्ष अब 11 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जाएगा।