कोरोना की मार, प्रवासियों के पलायन का सिलसिला फिर शुरू

-कौशांबी बस स्टैण्ड पर डीएम-एसएसपी ने संभाला मोर्चा
-1537 लोकल एवं रोडवेज बसों में दिल्ली से आए हजारों प्रवासियों को किया रवाना

गाजियाबाद। दिल्ली में लॉक डाउन की घोषणा के साथ गाजियाबाद प्रशासन पर बोझ बढना लाजमी था। ऐसे में पिछले अनुभव के आधार पर जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने तत्काल आपात बैठक की। बैठक के बाद राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सहायक संभागीय परिवहन विभाग व रोडवेज विभाग को एक्शन प्लान के साथ मैदान में उतार दिया। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय, डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक ने मंगलवार को एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह, रोडवेज आरएम अखिलेश कुमार सिंह आदि के साथ कौशाम्बी बस अड्डा जाकर वहां पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
दिल्ली में विभिन्न रोजगारों में जुड़े उत्तर प्रदेश के नागरिकों का दोपहर 11 बजे से कौशाम्बी बस अड्डे पर आना शुरू हो गया। यह सिलसिला प्रात: 5 बजे तक चलता रहा। डीएम ने बताया कि गाजियाबाद जनपद दिल्ली राज्य का सीमावर्ती जनपद है। अत: गाजियाबाद के बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों व अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी भीड़ एकत्र हो रही है। यह भीड़ दिल्ली से बिना कोरोना प्रोटोकाल का पालन किए गाजियाबाद की सीमा में प्रवेश कर रही है। जब उनसे कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन की बात कही गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अचानक घर छोडऩे की वजह से अफरा-तफरी में मास्क व सैनाटाईजर साथ ले जाना भूल गए। अचानक भीड़ के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में इस बात का भय है कि दिल्ली से आ रहे लोगों से स्थानीय क्षेत्र में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ न जाए। दिल्ली से आ रहे लोगों का कहना है कि वह रोजगार विहीन हो गए हंै तथा जहां हम अपने गांव जा रहे हैं वहां पर भी अपने रोजगार का कोई साधन नहीं है। दिल्ली राज्य सरकार द्वारा किए गए लॉक डाउन के कारण गाजियाबाद में बड़ी हुई भीड़ से निपटने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की टीम हरसंभव कोशिश कर रही है। इस दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराकर उन्हें बसों के माध्यम से गंतव्य को रवाना किया गया। जिला प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए सहायक संभागीय परिवहन विभाग से 350 लोकल बसें लगाकर लगभग 17,500 लोगों को उनके गंतव्य को रवाना किया। इसी प्रकार जिला प्रशासन ने रोडवेेज की 1187 बसें लगाकर 59,350 लोगों को उनके गंतव्य को रवाना किया। जिला प्रशासन द्वारा कल दिन व रात में कुल 1537 बसों से 76,850 लोगों को उनके गन्तव्य को रवाना किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को मास्क भी वितरण किए गए तथा नगर निगम द्वारा पूरे कौशाम्बी बस अड्डे को समय-समय पर सैनेटाईज्ड़ किया गया। इतना बड़ा माईग्रेन 7 घंटे के अंदर हुआ और जिला प्रशासन की ऐसी रणनीति थी कि इससे कहीं किसी आम नागरिकों को कोई असुविधा नहीं हुई। परिणाम यह हुआ कि यात्रियों को सकुशल उनके गंतव्य पर रवाना कराया गया और जनपद के जन-जीवन पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा और एक सामान्य प्रक्रिया के तहत श्रमिकों को रवाना कर दिया गया। सुरक्षा के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए। इसके बाद एसएसपी अमित पाठक ने कौशांबी मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद डीआईजी अमित पाठक इंदिरापुरम थाने का औचक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। एसएसपी ने इंदिरापुरम थाना प्रभारी संजीव शर्मा को कोविड हेल्प डेस्क का बेहतर तरीके से संचालन करने के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए नियमों का पालन करने और सर्तकता बरतने के साथ-साथ साफ-सफाई आदि व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कोरोना से बचाव को लेकर हापुड़ रोड पर पैदल गश्त करते हुए फल-सब्जी बेचने वालों को कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने और मास्क लगाने एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मास्क नहीं लगाने और कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर चालान बनाकर जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद एसएसपी अमित पाठक हरसांव स्थित पुलिस लाइन में पहुंचे। पुलिस लाइन के ग्राउंड में पुलिस कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करते हुए मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था एवं ड्यूटी के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया।