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कर्मचारियों का ब्योरा भेज शासन से की जाएगी अनुशंसा, सरकारी सेवा में है अनफिट
गाजियाबाद। जिले में नगर निकाय के आगामी 11 मई को होने वाले मतदान एवं 13 मई को मतगणना से ड्यूटी कटवाने वाले अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की तादाद बढ़ती जा रही है। चुनाव ड्यूटी ना करनी पड़े। ऐसे में बड़ी संख्या में जिले में चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए सरकारी अधिकारी से लेकर कर्मचारी सिफारिश और बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी नहीं करना चाहते है। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने शनिवार को नया फरमान जारी कर दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने वालों की बड़ी संख्या में प्रार्थना पत्र आ रहे है। इसके लिए अब मेडिकल बोर्ड का गठन सीडीओ की अध्यक्षता में किया गया है। मेडिकल ग्राउंड पर ही किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी की चुनाव से ड्यूटी काटी जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव में सिर्फ 5 दिन की ड्यूटी होनी है। ऐसे में जो भी अधिकारी व कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से बचना चाहते है। उनका पूरा ब्योरा शासन को भेजा जाएगा। प्रदेश शासन से इनकी अनुशंसा की जाएगी कि यह सरकारी सेवा में अनफिट है। इसलिए इनकी सरकारी सेवा समाप्त की जाए। उन्होंने बताया कि जिले में नगर निगम समेत 9 निकायों में चुनाव होना है। चुनाव में 12,893 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से जिले से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को छोड़कर करीब 6 हजार कार्मिक उपलब्ध है। ऐसे में दूसरे जिलों से चुनाव संपन्न कराने के लिए कार्मिकों की मांग की गई। कार्मिकों की कमी होने के बावजूद भी बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी चुनाव ड्यूटी नहीं करना चाहते है। इसलिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
मेडिकल बोर्ड के गठन किए जाने के बाद अब मेडिकल ग्राउंड पर ही प्रार्थना पत्र कर्मचारियों के स्वीकार किए जाएंगे। जिनकी हालत खराब है। उन्हें ही ड्यूटी से मुक्त किया जा सकेगा। वहीं, निकाय चुनाव में नगर निगम से लेकर नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से लेकर अन्य कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। इनके द्वारा चुनाव में पोलिंग बूथों से लेकर पोलिंग सेंटरों की व्यवस्था समेत अन्य व्यवस्था किए जाने के चलते इनकी ड्यूटी चुनाव में नहीं लगाई जाएगी।
















