-जीडीए सचिव के आश्वासन के बाद वापस लौटे किसान
गजियाबाद। मधुबन-बापूधाम योजना से प्रभावित 6 गांवों के किसानों ने एक समान मुआवजा देने की मांग को लेकर सोमवार को ट्रैक्टर-ट्राली लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) कार्यालय पर घेराव करते हुए घंटो तक जमकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह, सुरदीप शर्मा आदि किसानों के नेतृत्व में एक समान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर 6 गांव के सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण महिलाएं जीडीए के मुख्य गेट, स्वागत कक्ष के सामने धरना देकर बैठ गए। साथ ही नगर निगम की तरफ वाले गेट पर ट्रैक्टर ट्राली लगाकर इसे बंद कर दिया। इस दौरान जीडीए का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ना तो कार्यालय जा सका और ना ही बाहर आ सका। कार्यालय में मौजूद अधिकारी व कर्मचारी बंधक बने रहे। जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने किसानों से ज्ञापन लेते हुए आगामी सोमवार को उनके साथ बैठक करने का आश्वासन दिया तब जाकर किसान वापस लौटे। मधुबन-बापूधाम योजना में 800 एकड़ जमीन के किसान लगातार एक समान बढ़े मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर छह गांवों के किसान सदरपुर के प्राथमिक विद्यालय में धरने पर बैठे हैं। 29 अगस्त को किसानों ने धरना स्थल पर महामंचायत पर छह सितंबर को जीडीए कार्यालय घेरने की आहवान किया था। किसान ट्रैक्टर ट्राली में धरना स्थल से नवयुग मार्केट स्थित जीडीए कार्यालय के लिए निकले। उन्होंने रास्ते भर में जीडीए के खिलाफ नारेबीजी की।आंदोलन के अध्यक्ष व किसान नेता सुरदीप शर्मा एवं भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान करीब 12 बजे मुख्य गेट पर पहुंच गए। उन्होंने जीडीए के सामने रोड पर ट्रैक्टर ट्राली लगा दी। जिससे हर तरफ जाम लग गया। जीडीए सचिव किसानों के बीच धरना स्थल पहुंचे और उनका ज्ञापन लेते हुए पूरी बात सुनी। उन्होंने आगामी सोमवार को किसानों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान वापस लौटे। इस दौरान महेंद्र मुखिया, बॉस चौधरी, गौरीशंकर, कुलदीप चौधरी, संदीप चौधरी, सुनील शेरावत, धर्मवीर डायरेक्टर, तेजवीर चौधरी सहित आदि किसान मौजूद रहे।
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महिलाओं ने भी दिया धरना
किसानों ने पूरी प्लानिंग के तहत महिलाओं को आगे कर दिया। जीडीए कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का मोर्चा संभालते हुए छह गांव के किसानों के साथ महिलाओं ने भी संभाला। महिलाएं ट्रैक्टर-ट्राली में बैठकर जीडीए कार्यालय पहुंची थी। वह भी धरने पर बैठ गई और जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में सदरपुर, मैनापुर, नंगलापाट, याकूबपुर, मोरटा और दुहाई गांव के सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं, 20 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्राली प्राधिकरण के सामने वाली सड़क पर खड़ी कर दी।दरअसल,जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना के लिए 1234.13 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। किसानों को भू-अर्जन अधिनियम के तहत उस वक्त जमीन का 1100 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया गया था। इसके बाद में कई किसान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट चले गए। सुप्रीमकोर्ट ने वर्ष-2016 में बढ़ा मुआवजा देने के आदेश दिए थे। आदेश पर विभिन्न गांव के 76 किसानों को नई भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जीडीए ने मुआवजा दिया हैं। ऐसे में बाकी किसान भी एक समान बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। जीडीए कार्यालय से लेकर हापुड़ रोड पर सुबह से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहीं। वहीं, एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह सुबह ही सदरपुर में पहुंच गए थे। इतनी तादात में ट्रैक्टर ट्राली लेकर किसानों के पहुंचने के कारण सिहानी गेट थाने का पुलिस बल यहीं तैनात रहा। जीडीए कार्यालय के गेट से लेकर अंदर तक हर तरफ पुलिस कर्मी तैनात नजर आए।















