गाजियाबाद। पश्चिमी प्रदेश निर्माण मोर्चा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग की। (जिला अध्यक्ष पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा गाजियाबाद) राजेंद्र शर्मा ने दिए गये ज्ञापन में बताया कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ कई जिलों से सात सौ किलोमीटर की दूरी पर है। प्रदेश के सभी विभागों के मुख्यालय लखनऊ व इलाहाबाद में हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी भी विभाग का कोई मुख्यालय नहीं है। जिसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समस्याओं का हल ही नहीं होता है। इसलिए लखनऊ से इस 21 करोड़ की आबादी को शासित कर पाना मुश्किल हो रहा है। पउप्र के जिलों में संसाधनों, कृषि उत्पाद, औद्योगिक, पर्यटन, एतिहासिक महत्व और सभ्यता-संस्कृति का भरपूर भंडार है। लेकिन प्रोत्साहन न होने की वजह से इन सबका उचित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इसलिए सात करोड़ आबादी, छह मंडल व 26 जिलों को अलग कर एक नए राज्य के गठन की जरूरत है। पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा लगभग 8 वर्ष से अलग प्रदेश बनाने की मांग को लेकर संघर्षशील है। इस दौरान सतपाल यादव एडवोकेट, राजेंद्र पार्षद, पंडित अशोक भारतीय, गौरव यादव, डॉक्टर सोनिका शर्मा, रामप्यारे यादव आदि उपस्थित थे।
















